गुना। गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम जयंती महोत्सव के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य के एक बयान पर मंच पर ही बैठी पार्टी की महिला विधायक प्रियंका पेंची ने तीखी आपत्ति दर्ज करा दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पन्नालाल शाक्य ने ऐतिहासिक और पौराणिक युद्धों का संदर्भ देते हुए माता सीता का विवादित संदर्भ दिया और दावा किया कि इतिहास के बड़े युद्धों में केवल पुरुषों की जान गई और एक भी महिला नहीं मरी।


रामायण, महाभारत और पृथ्वीराज चौहान का दिया हवाला

पन्नालाल शाक्य ने मंच से कहा कि रामायण के युद्ध में कोई महिला नहीं मारी गई, केवल पुरुष ही मरे। इसके बाद महाभारत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उस युद्ध में एक करोड़ पुरुष मारे गए, लेकिन महिलाएं नहीं मरीं। उन्होंने पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का जिक्र करते हुए कहा कि कन्नौज से दिल्ली तक पृथ्वीराज के 55 सामंत मारे गए, लेकिन उन घटनाओं में भी सिर्फ पुरुषों का ही नुकसान हुआ।


भाजपा की महिला विधायक ने मंच से ही टोका

पन्नालाल शाक्य के इस बयान पर मंच पर मौजूद चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने तुरंत खड़े होकर बीच में टोकते हुए विरोध जताया। उन्होंने मंच से सीधे कहा कि आप गलत बोल रहे हैं, महिलाओं ने भी बड़े बलिदान दिए हैं और वे खुद एक महिला होने के नाते महिलाओं के बलिदानों की इस तरह अनदेखी बर्दाश्त नहीं कर सकतीं। हालांकि प्रियंका पेंची की आपत्ति के बावजूद पन्नालाल शाक्य अपनी बात पर अड़े रहे और कहा कि उन्होंने बहुत किताबें पढ़ी हैं, इसके बाद उन्होंने महिला विधायक को बैठने के लिए कहा। दोनों विधायकों के बीच मंच पर हुई इस नोकझोंक की चर्चा पूरे कार्यक्रम में बनी रही।


सीएम मोहन यादव वर्चुअली जुड़े, किसानों को किया गया सम्मानित

बलराम महोत्सव के इस राज्य स्तरीय आयोजन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम में पन्नालाल शाक्य ने रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से बचने और प्राकृतिक खेती अपनाने पर भी जोर दिया। इस दौरान उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ थाई अमरूद और गुलाब की उन्नत बागवानी की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि संजीव शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे, जहां उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।