ओरछा। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित धार्मिक नगरी ओरछा के होटल राजमहल में रविवार (30 अगस्त) सुबह 10 बजे से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की उच्च स्तरीय बैठक शुरू हो चुकी है। 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ओरछा में आयोजित हो रही इस बैठक में राष्ट्रीय व राज्य स्तर के शीर्ष नेतृत्व समेत लगभग 350 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।


यह बैठक आगामी संगठनात्मक विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, ‘सेवा संकल्प अभियान’ और 'मिशन 2028-2029' की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


प्रमुख नेताओं की मौजूदगी और स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट से सीधे ओरछा पहुंचे और बैठक में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और विधायक रामेश्वर शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता ओरछा पहुंचे, जिनका पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया गया।


शीर्ष नेताओं के मुख्य वक्तव्य

हेमंत खंडेलवाल (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष)

"पार्टी के संगठनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए रामराजा सरकार की पावन नगरी ओरछा से अधिक पवित्र और प्रेरणादायी स्थान कोई दूसरा नहीं हो सकता।"


शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय मंत्री)

"रामराजा सरकार के चरणों में आने का सौभाग्य मिला है। भगवान श्रीराम यहां राजा के रूप में विराजते हैं और रामराज्य की स्थापना ही भाजपा का अंतिम लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में रामराज्य के संकल्प को पूरा करने का काम जारी है।"


ज्योतिरादित्य सिंधिया (केंद्रीय मंत्री)

"रामराजा की नगरी में कार्यसमिति का आयोजन ऐतिहासिक है। आने वाले समय के लिए नीतिगत निर्णयों और कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में इस बैठक से दूरगामी परिणाम निकलेंगे।"


नरोत्तम मिश्रा (पूर्व मंत्री)

पार्टी के भीतर गुटबाजी और बदलाव की चर्चाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि "भाजपा में गुटबाजी की बातें पूरी तरह काल्पनिक हैं। संगठन प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ खड़ा है।"


बैठक का एजेंडा और मुख्य फोकस बिंदु

पार्टी के जमीनी आधार को और मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के प्रभावी प्रशिक्षण और विस्तार पर चर्चा। आगामी विधानसभा (2028) और लोकसभा (2029) चुनावों की तैयारियों के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करना। समाज के सभी वर्गों को संगठन और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर विस्तृत विचार-विमर्श। बैठक के दूसरे दिन 31 अगस्त को सेवा, सुशासन और प्रशासनिक समन्वय को लेकर 'सेवा संकल्प अभियान' कार्यशाला आयोजित की जाएगी।


पहला दिन: 'मन की बात' और संध्या कार्यक्रम

बैठक की शुरुआत ध्वजारोहण और प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुई। इसके बाद सुबह 11 बजे सभी उपस्थित नेताओं व प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का एक साथ सामूहिक श्रवण किया। रविवार शाम को प्रतिनिधियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और रात्रि में सभी वरिष्ठ नेता श्री रामराजा सरकार मंदिर में दर्शन एवं आरती करेंगे।