बीजिंग। 2026 विश्व इंटरनेट सम्मेलन के वुचन शिखर सम्मेलन का समापन हो गया। लगातार 13 वर्षों से चलती आ रही 'वुचन की प्रतिबद्धता' ने एक बार फिर दुनिया को दिखाया कि वैश्विक इंटरनेट के विकास और शासन में चीनी समाधान नई रफ्तार दे रहा है। 2015 में पहली बार 'साइबर स्पेस में साझा भविष्य वाले समुदाय' की अवधारणा प्रस्तुत की गई थी। बीते 11 वर्षों में यह अवधारणा विचार से कर्म तक और दृष्टि से यथार्थ तक का सफर तय कर चुकी है, और वैश्विक इंटरनेट के विकास व शासन को दिशा देने वाली अहम आम सहमति बन गई है। इस बार का शिखर सम्मेलन "ओपन-सोर्स और खुलापन—सह-निर्माण और साझा लाभ" की थीम पर आयोजित हुआ, जो समय की माँग से मेल खाता है और सभी पक्षों की चिंताओं को सीधा उत्तर देता है।
सम्मेलन में 130 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,800 से अधिक प्रतिभागियों ने गहरा संवाद किया। "इंटरनेट की रोशनी" प्रदर्शनी में 54 देशों-क्षेत्रों के 671 चीनी और विदेशी उद्यमों व संस्थानों ने हिस्सा लिया, और 1,000 से अधिक नए उत्पाद व नई प्रौद्योगिकियाँ प्रदर्शित या बाजार में उतारी गईं। एम्बॉडेड इंटेलिजेंट रोबोट, एआई एजेंट फोन, सर्व-मोडल बड़े मॉडल एक साथ सामने आए—इनमें इंटरनेट के बुद्धिमय परिवर्तन का नया रुझान झलका, और "साइबर स्पेस में साझा भविष्य वाला समुदाय" और भी अधिक मूर्त व सुलभ नजर आया।
बुद्धिमय परिवर्तन और व्यवस्थित छलांग की इस धारा में मानव-यंत्र संबंध, एल्गोरिदम की नैतिकता तथा डिजिटल व बुद्धिमय खाई जैसी चुनौतियाँ आपस में गुंथी हुई हैं। चीनी पक्ष ने चार सुझाव रखे—एक, प्रौद्योगिकी से सशक्तिकरण पर अडिग रहें और विकास की नई जगहें खोलें; दो, विश्वसनीयता और नियंत्रण-योग्यता पर अडिग रहें और डिजिटल सुरक्षा का कवच और मजबूत करें; तीन, समावेशी और संतुलित विकास पर अडिग रहें और डिजिटल लाभों की साझेदारी को बढ़ावा दें; चार, खुले संवाद पर अडिग रहें और बहुपक्षीय शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाएं।
ये चारों सुझाव इसी लक्ष्य पर केंद्रित हैं कि डिजिटल और बुद्धिमय प्रौद्योगिकी वैश्विक विकास की और बेहतर सेवा करे तथा लोगों की भलाई बढ़ाए। नवाचार प्रमुख चालक शक्ति है, और चीन ने खुली खिड़की के साथ नवाचार किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के ओपन-सोर्स बड़े मॉडलों की वैश्विक कुल डाउनलोड संख्या 10 अरब पार हो चुकी है, और राष्ट्रीय स्तर के एआई ओपन-सोर्स समुदाय में 1.1 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता जुड़ चुके हैं। सम्मेलन में पहला ओपन-सोर्स-विषयक इकोसिस्टम अनुभव केंद्र भी शुरू हुआ, जो "ओपन-सोर्स और खुलापन" के व्यावहारिक मूल्य को साक्षात दिखाता है।
प्रौद्योगिकी की प्रगति नई असमानता पैदा करने का साधन नहीं बन सकती। आज भी दुनिया के 2 अरब से अधिक लोग इंटरनेट से नहीं जुड़े हैं, और कई निम्न व मध्यम आय वाले देशों में कंप्यूटिंग क्षमता तथा प्रणालीगत स्तर पर साफ अंतर दिखाई देता है। चीनी पक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह वैश्विक दक्षिण के देशों को डिजिटल बुनियादी ढांचा बनाने, डिजिटल कौशल-संपन्न प्रतिभाएं तैयार करने, डिजिटल प्रौद्योगिकी-क्षमता बढ़ाने और डिजिटल-बुद्धिमय लाभों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में समर्थन देगा।
वुचन शिखर सम्मेलन केवल नई प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि वैश्विक डिजिटल बहुपक्षीय संवाद का महत्वपूर्ण मंच भी है। बंद दरवाजों और बहिष्कार से कोई रास्ता नहीं निकलता। ओपन-सोर्स और खुलापन पर अडिग रहकर, सह-निर्माण और साझा लाभ को अपनाकर, तथा दुनिया भर की नवाचार शक्तियों को एकजुट करके ही हम मानवता के साझा साइबर घर की रखवाली कर सकते हैं और डिजिटल सभ्यता के फलों को सभी देशों के लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)













