छतरपुर, संजय अवस्थी। साहित्य जगत में आज एक बेहद अनूठा और सुखद संयोग देखने को मिला। जटाशंकर पैलेस में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में वरिष्ठ साहित्यकारों की प्रतिष्ठित उपस्थिति के बीच, सास और बहू के दो अलग-अलग काव्य संग्रहों का एक साथ लोकार्पण संपन्न हुआ।
समारोह में श्रीमती विमल बुंदेला के काव्य संग्रह 'तुम से शुरू तुम तक' और उनकी पुत्रवधू डॉ. आराधना सिंह बुंदेला के काव्य संग्रह 'संस्कृति की धरोहर' का विमोचन किया गया।
रिश्तों की खूबसूरती और साहित्य का संगम
यह आयोजन इस मायने में खास रहा कि मेदांता हॉस्पिटल के न्यूरो डिपार्टमेंट के हेड डॉ. यशपाल बुंदेला की माता जी (श्रीमती विमल बुंदेला) और उनकी धर्मपत्नी (डॉ. आराधना सिंह बुंदेला) दोनों ने एक ही दिन अपनी साहित्यिक कृतियों को समाज के सामने रखा।
पेशे से चिकित्सक डॉ. आराधना सिंह की यह दूसरी पुस्तक है, जो चिकित्सा के साथ-साथ उनके गहरे साहित्यिक सरोकारों को भी दर्शाती है। इस विमोचन को उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकारों ने पारिवारिक सामंजस्य और रचनात्मकता का एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री डॉ. अवध किशोर जड़िया और कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती मालती श्रीवास्तव द्वारा की गई। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. बहादुर सिंह परमार, डॉ. गायत्री वाजपेयी, डॉ. शरद सिंह, सुश्री आभा श्रीवास्तव, कवि अभिराम पाठक और विकास चतुर्वेदी उपस्थित रहे...
#कार्यक्रम के आयोजक डॉ. यशपाल सिंह बुंदेला मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के न्यूरो सर्जरी विभाग के डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष ने साहित्य प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों का स्वागत किया..




