बीजिंग। 7 दिसंबर 1984 को चीन के हपेई प्रांत के तत्कालीन पार्टी सचिव शी चिनफिंग ने लेख प्रकाशित किया था। इसका शीर्षक था युवा और मध्यम आयु वर्ग के अधिकारियों को "बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए।" यह वास्तव में बुजुर्गों के प्रति उनके गहरे, सच्चे सम्मान और देखभाल को दर्शाता है।
सीपीसी की केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग हमेशा बुजुर्गों के जीवन पर ध्यान देते हैं। वे अक्सर कहते हैं कि बुजुर्गों का सम्मान और आदर करना चीनी राष्ट्र का पारंपरिक गुण है। बुजुर्गों की देखभाल और उनकी मदद करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। चीन के विभिन्न क्षेत्रों के निरीक्षण दौरे के दौरान शी चिनफिंग ने बार बार गांव, रिहायशी क्षेत्र, वृद्ध देखभाल संस्थान और बुजुर्ग देखभाल सेवा केंद्र जाकर बुजुर्गों के साथ स्नेहपूर्ण बातचीत की और कर्मचारियों को बुजुर्गों का ज्यादा ध्यान रखने का निर्देश दिया।
शी चिनफिंग ने कहा कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोगों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करना और वृद्धपन से पैदा सामाजिक मुद्दों का उचित समाधान करना देश के समग्र विकास और लोगों की भलाई से संबंधित है। इसके मुकाबले के लिए भरसक प्रयास करना होगा।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के अंत तक पूरे चीन में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की बुजुर्गों की संख्या 32 करोड़ 33 लाख 80 हजार है, जो कुल जनसंख्या का 23 प्रतिशत है। सिलसिलेवार कदम के कार्यान्वयन से चीन में बुजुर्ग देखभाल सेवा व्यवस्था में सुधार हो रहा है। बुजुर्गों का सम्मान करने और उनकी देखभाल करने के पारंपरिक गुण को पूरे समाज में जोर-शोर से बढ़ावा दिया जा रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
















