उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ रिजर्व भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में रविवार तड़के करीब 5 बजे निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ जयसिंहपुरा क्षेत्र स्थित नरसिंह घाट के पास कार्रवाई करते हुए महासिद्ध आश्रम (एमएस सुकृत ट्रस्ट) के अवैध निर्माण को ढहाना शुरू कर दिया।
तीन पोकलैंड मशीनों से की गई कार्रवाई
नगर निगम ने सिंहस्थ क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की है: निगम की टीम ने तीन पोकलैंड मशीनों की मदद से नए बने भवन के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने जानकारी दी कि आश्रम परिसर में सिंहस्थ के लिए आरक्षित जमीन पर हाल ही में तीन अलग-अलग पक्के भवनों का अवैध निर्माण किया गया था। इस अतिक्रमण को हटाने के लिए संचालक को पहले ही दो बार नोटिस दिए जा चुके थे, लेकिन तय सीमा में निर्माण नहीं हटाया गया।
सामान निकालने के लिए रोका गया बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान जब प्रशासनिक अधिकारियों को यह पता चला कि नवनिर्मित भवन के भीतर आश्रम का काफी सामान रखा हुआ है, तो मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए टीम ने फिलहाल ध्वस्तीकरण रोक दिया। अधिकारियों ने आश्रम प्रबंधन को अंदर रखा सामान सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कुछ समय की मोहलत दी है। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद शेष अवैध हिस्से को पूरी तरह हटाने की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
दो दिन पहले सत्यगिरि महाराज के आश्रम पर भी चली थी कार्रवाई
प्रशासन की इस अतिक्रमण विरोधी मुहिम का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। महासिद्ध आश्रम से महज दो दिन पहले ही नगर निगम की टीम ने इसी क्षेत्र में स्थित हरियाणा वाले 'सत्यगिरि महाराज के आश्रम' में किए गए अवैध निर्माण को भी पोकलैंड मशीनों की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। सिंहस्थ भूमि को बचाने के लिए प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

















