इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के सांवेर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा अग्निकांड हो गया। कालिंदी गोल्ड सिटी के समीप बीटा इंडस्ट्रियल पार्क में स्थित एक पेंट फैक्ट्री में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास में स्थित दो अन्य फैक्ट्रियों को भी अपनी जद में ले लिया। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। गनीमत रही कि रविवार सुबह का वक्त होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।


सुबह 7 बजे भड़कीं लपटें, दूर-दूर तक दिखा काले धुएं का गुबार

घटना सुबह करीब 7 बजे की है, जब अरविंदो अस्पताल से लगभग 3 किलोमीटर अंदर स्थित बीटा इंडस्ट्रियल पार्क की पेंट एवं केमिकल फैक्ट्री से अचानक आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड ने तुरंत धुआं देखकर फायर ब्रिगेड को सूचित किया। फैक्ट्री परिसर में बड़ी तादाद में केमिकल और पेंट से भरे ज्वलनशील ड्रम रखे होने के चलते आग ने चंद मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पड़ोस की दो अन्य फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में उठता काले धुएं का विशाल गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।


फोम और पानी की बौछार से घंटों बाद आग पर पाया काबू

आग की भयावहता को देखते हुए शहर के अलग-अलग दमकल स्टेशनों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और स्थानीय पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। केमिकल की आग होने की वजह से पानी के साथ-साथ फोम का छिड़काव किया गया। दमकलकर्मियों ने चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए घंटों की भारी मशक्कत के बाद आग को और आगे फैलने से रोका तथा पूरी तरह बुझाया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक लपटें नहीं पहुंच सकीं।


करोड़ों के नुकसान की आशंका, शॉर्ट सर्किट बना प्राथमिक कारण

इस भीषण अग्निकांड में तीनों फैक्ट्रियों के शेड, महंगी मशीनरी, तैयार पेंट, कच्चा माल और भारी मात्रा में केमिकल का स्टॉक जलकर पूरी तरह खाक हो गया। प्राथमिक आकलन के मुताबिक, हादसे में करोड़ों रुपये के माल का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती पड़ताल में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें वास्तविक कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच में जुटी हुई हैं।