टीकमगढ़/पलेरा, सोनू विश्वकर्मा। टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस (अंतरिक्ष नीति सम्मेलन) में उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, नवाचार और शोध कार्यों के लिए 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' (यंगेस्ट इमर्जिंग इनोवेटर) के राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया।


यह सम्मेलन आईटीयू-एपीटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया और फोरम ग्लोबल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें भारत सरकार की विभिन्न संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और अंतरिक्ष विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन में नई अंतरिक्ष नीति, भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्पेस इकोसिस्टम, निजी क्षेत्र की भागीदारी और 'विक्रम-1' मिशन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।


सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली नंदा, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल भट्ट तथा आईटीयू-एपीटी के अध्यक्ष भारत भाटिया सहित कई विशेषज्ञों से मुलाकात कर अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स और नवाचारों पर चर्चा की। उनके शोध कार्यों और तकनीकी सोच की वैज्ञानिक समुदाय ने सराहना की।


उल्लेखनीय है कि प्रखर विश्वकर्मा ने मात्र 15 वर्ष की आयु में मध्यप्रदेश का पहला एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' स्थापित किया था। वर्तमान में उनका स्टार्टअप 40 से अधिक देशों के लिए रॉकेट, सैटेलाइट, ड्रोन और मिसाइल डिजाइनिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा है। अंतरिक्ष एवं रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके नाम 400 से अधिक प्रमाण-पत्र दर्ज हैं और उन्हें अब तक 13 राष्ट्रीय तथा 4 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।