शिक्षासरकारी भर्ती अलर्ट : बीटीएससी में 787 पदों पर आवेदन जारी, 23 अक्टूबर तक मौकापटना। सरकारी नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (बीटीएससी), 19...PeptechTime|26 सितंबर 2026रेलवे में नौकरी का सुनहरा मौका: स्टेशन मास्टर सहित 1,465 पदों पर आवेदन शुरू, 15 अक्टूबर तक भरें फॉर्मपटना। रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) ने पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) में जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (जीडीसीई),...PeptechTime|26 सितंबर 2026एसबीआई में 207 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, 5 अक्टूबर तक करें अप्लाईमुंबई। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, एसबीआई ने...PeptechTime|26 सितंबर 2026यूपीएससी भर्ती 2026: जूनियर टेक्निकल ऑफिसर सहित कई पदों पर आवेदन शुरू, जानें योग्यता और सैलरीनई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने विभिन्न विभागों और मंत्रालयों में अलग-अलग कुल 13 पदों पर नियुक्ति के लिए एक...PeptechTime|26 सितंबर 2026आज की सरकारी नौकरी: SBI में 2,050 पद, बिहार में 102 ऑडिटर, संस्कृत यूनिवर्सिटी में 43 भर्तियां आज की सरकारी नौकरियों में तीन बड़ी भर्तियों की जानकारी सामने आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में सर्कल बेस्ड ऑफिसर के ...PeptechTime|30 जनवरी 2026शिक्षा अधोसंरचना में 25 वर्षों में अभूतपूर्व विस्ताररायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य अपनी 25 वर्षों की गौरवशाली विकास यात्रा का रजत वर्ष मना रहा है। इस अवधि में राज्य के साथ-साथ कोरिया जिले ने भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2000 से 2025 के बीच जिले में शिक्षा अधोसंरचना, सुविधाओं और शैक्षणिक परिणामों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। विद्यालयों की संख्या में दोगुनी वृद्धि वर्ष 2000 में कोरिया जिले में विद्यालयों की कुल संख्या 386 थी, जो बढ़कर अब 606 तक पहुँच गई है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 281 से बढ़कर 387, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 76 से बढ़कर 167 और हायर सेकेंडरी विद्यालयों की संख्या 22 से बढ़कर 37 हो गई है। छात्र संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि शिक्षा के प्रति लोगों में बढ़ती जागरूकता के परिणामस्वरूप विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की संख्या 21 हजार 051 से बढ़कर 37 हजार 172 हो गई है। यह दर्शाता है कि अब जिले के अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ रहे हैं और स्कूलों की पहुँच सुदूर अंचलों तक बढ़ी है। परीक्षा परिणामों में ऐतिहासिक सुधार जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ है। वर्ष 2000 में हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 46.31 प्रतिशत था, जो 2025 में बढ़कर 92.26 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम 67.15 प्रतिशत से बढ़कर 94.26 प्रतिशत तक पहुँच गया है। ये आँकड़े जिले के शिक्षकों की प्रतिबद्धता और छात्रों की मेहनत का प्रमाण हैं। छात्र हितैषी योजनाओं से बढ़ा नामांकन और उपस्थिति सरकार की विभिन्न योजनाओं से विद्यालयों में नामांकन दर में वृद्धि हुई है। मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत वर्ष 2000 में जहाँ 9 जार 124 विद्यार्थियों को निःशुल्क भोजन मिलता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 25 हजार 516 तक पहुँच गई है। कक्षा 1 से 10 तक लगभग 2 लाख 20 हजार छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कक्षा 1 से 8 तक 48 हजार 892 विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश और कक्षा 9 वीं की एक हजार से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरण कराई गई हैं। इन पहल से विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा में बड़ा सुधार आया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नए संस्थानों की स्थापना वर्ष 2000 के बाद कोरिया जिले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), जवाहर नवोदय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं। इन संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर प्रदान किया है। सरकार की विकासपरक नीतियों का परिणाम विष्णु देव साय सरकार की शिक्षा-केंद्रित और विकासपरक नीतियों ने कोरिया जिले को नई दिशा दी है। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और जनभागीदारी से प्रेरित प्रयासों के फलस्वरूप जिले के दुर्गम और दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा की रोशनी पहुँच रही है। कोरिया जिला बना शिक्षा विकास का नया मॉडल इन 25 वर्षों की शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि कोरिया जिला अब शिक्षा के विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है। अधोसंरचना, गुणवत्ता और पहुँच-तीनों ही स्तरों पर जिले ने नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, जो आने वाले वर्षों में बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव सिद्ध होंगी।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादवभोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से जारी की जा रही है। आज देव दीपावली से पहले विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राशि अंतरण के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में राशि जारी की। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा मंत्रीगण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में नई पहल की जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे अच्छे शासकीय विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। गत माह ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई। प्रदेश के निजी विद्यालयों में 20 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद परिवार के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9वीं के 4 किमी दूर रहने वाले 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुक्ल साइकिलें वितरित की हैं। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, क्लेट, जेईई सहित सभी प्रकार की कोचिंग भी नि:शुल्क प्रदान करने के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ उद्यमी बन लोगों को रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के नए आयाम दिए जा रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शालेय शिक्षा की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यार्थियों की उपस्थिति की ट्रेकिंग के साथ शैक्षणिक स्टॉफ की उपस्थिति और उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की भी ट्रेकिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूली विद्यार्थियों से संवाद और उन्हें प्रेरित करने का कोई अवसर नहीं खोते हैं। प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को निखारने और संवारने का हरसंभव प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। अंतरित हुई राशि में सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि शामिल है।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025बदलते छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्कूल, अब बच्चों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा और उद्यमिता का ज्ञानछत्तीसगढ़ के आदिवासी बच्चे अब सफलता के और नए कीर्तिमान रचेंगे. समुदाय के बच्चों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है. केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय ने आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ा समझौता किया है. मंत्रालय और सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने साथ मिलकर राज्य के 68 एकलव्य मॉडल स्कूलों को मजबूत बनाने का फैसला किया है. मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड ने जिन स्कूलों को मजबूत करने का फैसला किया है, उनमें करीब 28 हजार आदिवासी बच्चे पढ़ाई करते हैं. इस तरह सरकार के इस कदम से आने वाले दिनों में इन बच्चों की जिंदगी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कोल इंडिया लिमिटेड अपने सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) के तहत इन 68 एकलव्य मॉडल स्कूलों में 10 करोड़ रुपये खर्च करेगा. इस पहल का मकसद राज्य के आदिवासी बच्चों को पढ़ाई, उनकी सेहत और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए बेहतर सुविधाएं देना. आइए ये भी जानते हैं कि ये पैसा किन चीजों पर खर्च होगा. अब इन स्कूलों में आदिवासी समुदाय के बच्चों को डिजिटल पढ़ाई के लिए कंप्यूटर और टैबलेट मुहैया कराए जाएंगे. इसके तहत 3200 कंप्यूटर और 300 टैबलेट बच्चों को दिए जाएंगे. स्कूलों में कंप्यूटर लैब भी बनाई जाएंगी. स्कूल में बच्चों की सेहत और स्वच्छता का भी ख्याल रखा जाएगा. इसके लिए स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें और इंसिनरेटर लगाए जाएंगे. सरकार की ये पहल केवल स्कूली शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहेगा. स्टूडेंट्स को आगे की पढ़ाई और करियर से संबंधित सलाह और मदद भी मिलेगी. इसके तहत स्टार्टअप की भी ट्रेनिंग दी जाएगा. यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए आईआईएम, आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों में स्टार्टअप से संबंधित कैंप होंगे. इस पहल से आदिवासी समुदाय के बच्चों को अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा. ये पहल शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को भी पूरा करेगी. यानी की हर बच्चे को समान अवसर मिलेंगे. ये योजना राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम नाम की सरकारी संस्था चलाएगीPeptechTime|25 अगस्त 2025लखनऊ के महाकालेश्वर गुरुकुल में नया अध्याय:श्रीशंकर चैतन्य ब्रह्मचारी को 5 आश्रमों का उत्तरदायित्व सौंपा !लखनऊ के लाल कुआं स्थित महाकालेश्वर गुरुकुल में एक महत्वपूर्ण धार्मिक समारोह संपन्न हुआ। नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा की पूर्णाहुति के अवसर पर श्रीशंकर चैतन्य ब्रह्मचारी का विधिवत पट्टाभिषेक किया गया।PeptechTime|4 जुलाई 2025न एडमिशन, न कोई ID... IIT बॉम्बे में क्लासेस कर रहा था बिलाल, जानें कैसे मिल गई एंट्री ?मुंबई पुलिस ने मेंगलुरु के रहने वाले बिलाल तेली को गिरफ्तार किया है. बिलाल तेली 2 से 7 जून तक आईआईटी बॉम्बे में रह रहा था. फिर वह कुछ दिनों तक नहीं नहीं दिखा लेकिन 17 जून को एक प्रोफेसर ने उसे दोबारा देखा, जिसके बाद उसकी शिकायत पुलिस में की गई.PeptechTime|3 जुलाई 2025Load More
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शिक्षा अधोसंरचना में 25 वर्षों में अभूतपूर्व विस्ताररायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य अपनी 25 वर्षों की गौरवशाली विकास यात्रा का रजत वर्ष मना रहा है। इस अवधि में राज्य के साथ-साथ कोरिया जिले ने भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2000 से 2025 के बीच जिले में शिक्षा अधोसंरचना, सुविधाओं और शैक्षणिक परिणामों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। विद्यालयों की संख्या में दोगुनी वृद्धि वर्ष 2000 में कोरिया जिले में विद्यालयों की कुल संख्या 386 थी, जो बढ़कर अब 606 तक पहुँच गई है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 281 से बढ़कर 387, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 76 से बढ़कर 167 और हायर सेकेंडरी विद्यालयों की संख्या 22 से बढ़कर 37 हो गई है। छात्र संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि शिक्षा के प्रति लोगों में बढ़ती जागरूकता के परिणामस्वरूप विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की संख्या 21 हजार 051 से बढ़कर 37 हजार 172 हो गई है। यह दर्शाता है कि अब जिले के अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ रहे हैं और स्कूलों की पहुँच सुदूर अंचलों तक बढ़ी है। परीक्षा परिणामों में ऐतिहासिक सुधार जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ है। वर्ष 2000 में हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 46.31 प्रतिशत था, जो 2025 में बढ़कर 92.26 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम 67.15 प्रतिशत से बढ़कर 94.26 प्रतिशत तक पहुँच गया है। ये आँकड़े जिले के शिक्षकों की प्रतिबद्धता और छात्रों की मेहनत का प्रमाण हैं। छात्र हितैषी योजनाओं से बढ़ा नामांकन और उपस्थिति सरकार की विभिन्न योजनाओं से विद्यालयों में नामांकन दर में वृद्धि हुई है। मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत वर्ष 2000 में जहाँ 9 जार 124 विद्यार्थियों को निःशुल्क भोजन मिलता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 25 हजार 516 तक पहुँच गई है। कक्षा 1 से 10 तक लगभग 2 लाख 20 हजार छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कक्षा 1 से 8 तक 48 हजार 892 विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश और कक्षा 9 वीं की एक हजार से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरण कराई गई हैं। इन पहल से विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा में बड़ा सुधार आया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नए संस्थानों की स्थापना वर्ष 2000 के बाद कोरिया जिले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), जवाहर नवोदय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं। इन संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर प्रदान किया है। सरकार की विकासपरक नीतियों का परिणाम विष्णु देव साय सरकार की शिक्षा-केंद्रित और विकासपरक नीतियों ने कोरिया जिले को नई दिशा दी है। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और जनभागीदारी से प्रेरित प्रयासों के फलस्वरूप जिले के दुर्गम और दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा की रोशनी पहुँच रही है। कोरिया जिला बना शिक्षा विकास का नया मॉडल इन 25 वर्षों की शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि कोरिया जिला अब शिक्षा के विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है। अधोसंरचना, गुणवत्ता और पहुँच-तीनों ही स्तरों पर जिले ने नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, जो आने वाले वर्षों में बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव सिद्ध होंगी।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादवभोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से जारी की जा रही है। आज देव दीपावली से पहले विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राशि अंतरण के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में राशि जारी की। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा मंत्रीगण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में नई पहल की जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे अच्छे शासकीय विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। गत माह ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई। प्रदेश के निजी विद्यालयों में 20 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद परिवार के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9वीं के 4 किमी दूर रहने वाले 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुक्ल साइकिलें वितरित की हैं। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, क्लेट, जेईई सहित सभी प्रकार की कोचिंग भी नि:शुल्क प्रदान करने के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ उद्यमी बन लोगों को रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के नए आयाम दिए जा रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शालेय शिक्षा की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यार्थियों की उपस्थिति की ट्रेकिंग के साथ शैक्षणिक स्टॉफ की उपस्थिति और उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की भी ट्रेकिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूली विद्यार्थियों से संवाद और उन्हें प्रेरित करने का कोई अवसर नहीं खोते हैं। प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को निखारने और संवारने का हरसंभव प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। अंतरित हुई राशि में सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि शामिल है।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
बदलते छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्कूल, अब बच्चों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा और उद्यमिता का ज्ञानछत्तीसगढ़ के आदिवासी बच्चे अब सफलता के और नए कीर्तिमान रचेंगे. समुदाय के बच्चों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है. केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय ने आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ा समझौता किया है. मंत्रालय और सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने साथ मिलकर राज्य के 68 एकलव्य मॉडल स्कूलों को मजबूत बनाने का फैसला किया है. मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड ने जिन स्कूलों को मजबूत करने का फैसला किया है, उनमें करीब 28 हजार आदिवासी बच्चे पढ़ाई करते हैं. इस तरह सरकार के इस कदम से आने वाले दिनों में इन बच्चों की जिंदगी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कोल इंडिया लिमिटेड अपने सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) के तहत इन 68 एकलव्य मॉडल स्कूलों में 10 करोड़ रुपये खर्च करेगा. इस पहल का मकसद राज्य के आदिवासी बच्चों को पढ़ाई, उनकी सेहत और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए बेहतर सुविधाएं देना. आइए ये भी जानते हैं कि ये पैसा किन चीजों पर खर्च होगा. अब इन स्कूलों में आदिवासी समुदाय के बच्चों को डिजिटल पढ़ाई के लिए कंप्यूटर और टैबलेट मुहैया कराए जाएंगे. इसके तहत 3200 कंप्यूटर और 300 टैबलेट बच्चों को दिए जाएंगे. स्कूलों में कंप्यूटर लैब भी बनाई जाएंगी. स्कूल में बच्चों की सेहत और स्वच्छता का भी ख्याल रखा जाएगा. इसके लिए स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें और इंसिनरेटर लगाए जाएंगे. सरकार की ये पहल केवल स्कूली शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहेगा. स्टूडेंट्स को आगे की पढ़ाई और करियर से संबंधित सलाह और मदद भी मिलेगी. इसके तहत स्टार्टअप की भी ट्रेनिंग दी जाएगा. यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए आईआईएम, आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों में स्टार्टअप से संबंधित कैंप होंगे. इस पहल से आदिवासी समुदाय के बच्चों को अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा. ये पहल शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को भी पूरा करेगी. यानी की हर बच्चे को समान अवसर मिलेंगे. ये योजना राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम नाम की सरकारी संस्था चलाएगीPeptechTime|25 अगस्त 2025
लखनऊ के महाकालेश्वर गुरुकुल में नया अध्याय:श्रीशंकर चैतन्य ब्रह्मचारी को 5 आश्रमों का उत्तरदायित्व सौंपा !लखनऊ के लाल कुआं स्थित महाकालेश्वर गुरुकुल में एक महत्वपूर्ण धार्मिक समारोह संपन्न हुआ। नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा की पूर्णाहुति के अवसर पर श्रीशंकर चैतन्य ब्रह्मचारी का विधिवत पट्टाभिषेक किया गया।PeptechTime|4 जुलाई 2025
न एडमिशन, न कोई ID... IIT बॉम्बे में क्लासेस कर रहा था बिलाल, जानें कैसे मिल गई एंट्री ?मुंबई पुलिस ने मेंगलुरु के रहने वाले बिलाल तेली को गिरफ्तार किया है. बिलाल तेली 2 से 7 जून तक आईआईटी बॉम्बे में रह रहा था. फिर वह कुछ दिनों तक नहीं नहीं दिखा लेकिन 17 जून को एक प्रोफेसर ने उसे दोबारा देखा, जिसके बाद उसकी शिकायत पुलिस में की गई.PeptechTime|3 जुलाई 2025