भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कनावर क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। क्वारी नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबे तीन किशोरों की तलाश घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी लगातार जारी है। शनिवार सुबह राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDRF) के दो दलों ने घटनास्थल पर पहुंचकर करीब 7 किलोमीटर के दायरे में व्यापक सर्चिंग अभियान शुरू किया है। तेज हवा, रुक-रुककर हो रही बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण रेस्क्यू टीम को गोताखोरी और जाल डालने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
30 सेकंड का भयावह वीडियो आया सामने, मातम में बदलीं खुशियां
हादसे से जुड़ा एक 30 सेकंड का बेहद भावुक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि 8 से 10 युवकों और महिलाओं का एक समूह गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए क्वारी नदी के किनारे पहुंचा था। विसर्जन के उत्साह के बीच तीन किशोर—अभिजीत, मदन और कान्हा भदौरिया—नदी के किनारे से लगभग 20 फीट गहरे पानी में उतर गए। अचानक पैर फिसलने और तेज बहाव की चपेट में आने से तीनों एक-एक कर डूबने लगे। किनारे पर खड़ी महिलाएं चीखती-चिल्लाती रहीं और उन्हें वापस आने को कहती रहीं, लेकिन महज कुछ ही पलों में तीनों पानी में समा गए। इस दुखद हादसे के बाद कनावर और अनावरण गांव में मातम पसरा हुआ है।
तय स्थल की अनदेखी और पुल निर्माण के गहरे गड्ढे बने हादसे का कारण
शुरुआती जांच और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस और जिला प्रशासन ने गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए अलग से सुरक्षित स्थान तय किया था। हालांकि, यह समूह प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थल के बजाय निर्माणाधीन पुल के नजदीक पहुंच गया। पुल निर्माण कार्य के कारण नदी के इस हिस्से में गहरे गड्ढे बने हुए थे, जिसका अंदाजा किशोरों को नहीं लग सका। गहरे पानी में जाने से तीनों हादसे का शिकार हो गए।
रात में रोकना पड़ा था सर्च अभियान, शनिवार सुबह भिंड से पहुंची दूसरी SDRF टीम
शुक्रवार शाम हादसे की सूचना मिलते ही उमरी थाना प्रभारी ब्रजेंद्र सिंह सेंगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। शुक्रवार रात करीब दो घंटे तक स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की मदद से तलाश की गई, लेकिन घना अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा था। शनिवार सुबह करीब 8 बजे SDRF की पहली टीम ने मोर्चा संभाला, जिसके बाद भिंड से दूसरी टीम भी बैकअप के लिए भेजी गई। फिलहाल SDRF की दोनों टीमें कटरबोट और विशाल जाल की मदद से नदी के 7 किलोमीटर के बहाव क्षेत्र में तीनों किशोरों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।












