हैदराबाद। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद में पिछड़े वर्गों के 38 संगठनों के लिए 'आत्म गौरव भवनों' के निर्माण के लिए 88.50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।गुरुवार को 'आत्म गौरव भवनों' (सामुदायिक केंद्रों) के निर्माण के लिए फंड मंजूर करने वाले सरकारी आदेश जारी किए गए।

पिछड़ा वर्ग (बीसी) कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने विभिन्न जाति संगठनों के प्रतिनिधियों को आधिकारिक सरकारी आदेश के दस्तावेज सौंपे।

कांग्रेस सरकार ने सभी जातियों के लिए भवनों के निर्माण की एक नई पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य उनका सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक उत्थान करना है।

मंत्री प्रभाकर ने बताया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देशों और उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भट्टी विक्रमार्का के आदेशों के बाद, पिछड़ा वर्ग के संगठनों के लिए 'आत्म गौरव भवनों' के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि हालांकि जमीन पहले ही आवंटित कर दी गई थी, लेकिन कुछ प्रशासनिक और तकनीकी समस्याओं के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। अब हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) के सहयोग से इन बाधाओं को दूर कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि आवंटित जमीन पर 'रेडी-टू-कन्स्ट्रक्ट' (निर्माण के लिए तैयार) लेआउट के अनुसार विकास कार्य किया गया है, जिससे ये जगहें तुरंत निर्माण के लिए उपयुक्त हो गई हैं। सरकार द्वारा जरूरी फंड मंजूर किए जाने के बाद उन्होंने जाति संगठनों से आग्रह किया कि वे बिना किसी देरी के निर्माण कार्य शुरू करें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस सरकार इन भवनों का निर्माण सुनिश्चित करने और इन्हें पिछड़ा वर्ग (बीसी) समुदाय के लिए उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य इन परियोजनाओं को एक साल के भीतर, या प्रत्येक निर्माण स्थल की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार तय की गई समय-सीमा के भीतर पूरा करना है।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इंजीनियरिंग विभाग और एचएमडीए के बीच समन्वय के जरिए सभी जरूरी निर्माण अनुमतियां आसानी से मिल जाएंगी। इसके लिए 'सिंगल-विंडो' क्लीयरेंस सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की देरी न हो। साथ ही, उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग निर्माण कार्य की प्रगति की हर महीने समीक्षा करेगा और नियमित रूप से स्टेटस रिपोर्ट लेगा।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है, जिनमें कहा गया था कि सरकार पिछड़ा वर्ग संगठनों को आवंटित जमीन वापस लेना चाहती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये जमीनें कमजोर वर्गों की संपत्ति हैं और कोई भी सरकार, जिसमें मौजूदा कांग्रेस सरकार भी शामिल है, इन्हें कभी वापस नहीं लेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इन जमीनों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि आवंटित फंड का उपयोग करके तय समय-सीमा के भीतर भवन निर्माण पूरा करने की जिम्मेदारी संबंधित सामुदायिक संगठनों की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि देरी होती है तो संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा, और सरकार परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

पोन्नम प्रभाकर ने हैदराबाद में एक व्यापक 'बीसी भवन' के निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का सुझाव दिया। यह भवन सभी पिछड़ा वर्ग समुदायों के लिए एक साझा जगह के रूप में काम करेगा, जहाँ वे जयंती समारोह, बैठकें और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।