भोपाल, 17 अप्रैल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का आधार बना। सनातन विरासत, शास्त्र और आध्यात्मिक परम्पराएं यदि आज जीवित एवं जागृत हैं तो यह आदिगुरू शंकराचार्य के प्रयास और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।आचार्य शंकराचार्य की जयंती के अवसर पर ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में आयोजित पांच दिवसीय प्रकटोत्सव के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अद्वैत ज्ञान के सूर्योदय के केंद्र ओंकारेश्वर की चेतना की अनुभूति आज सबको हो रही है। ज्ञान और ध्यान की धरती मध्य प्रदेश ने ऐतिहासिक रूप से धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है। हर युग में इसके प्रमाण विद्यमान हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीरामचंद्र जी वनवास मिलने पर मंदाकिनी माता के किनारे चित्रकूट के धाम पधारें और प्रभु श्रीराम का आगे का जीवन मानव मात्र के लिए पूजनीय हो गया, समाज ने रामराज्य का अनुभव प्राप्त किया। भगवान श्रीराम ने संस्कारों, व्यवहारगत मूल्यों, परस्पर संबंधों सहित शासन के ऐसे सूत्र प्रदान किए जो आज भी महत्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार कंस वध के बाद श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने उज्जयिनी स्थित सांदीपनि आश्रम पधारें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मवाद का संदेश दिया, जो वर्तमान में भी प्रासंगिक है।
उन्होंने आदि शंकराचार्य की चर्चा करते हुए कहा कि सनातन काल में कालड़ी, केरल से चले 8 वर्षीय बालक शंकर ओंकारेश्वर पधारे, जहां परम पूज्य गुरु गोविंदपाद के आशीर्वाद से आदि शंकराचार्य बनकर सनातन धर्म की धारा को अविरल रूप से बहाने का आधार प्रदान किया। आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का आधार बना। हमारी सनातन विरासत, शास्त्र और आध्यात्मिक परम्पराएं यदि आज जीवित एवं जागृत हैं तो यह आदिगुरु शंकराचार्य के प्रयास और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।
कार्यक्रम में श्री द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती सहित वरिष्ठ संतवृंद उपस्थित थे। राज्य सरकार के संस्कृति विभाग तथा आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के तत्वावधान में 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक एकात्म पर्व मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्री द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज के साथ वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष में आयोजित आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव 'एकात्म पर्व' कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री यादव ने अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। साथ ही वे वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए।



