चंडीगढ़। पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव अनिल सरीन ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के शासन रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। ऐसी खबरें हैं कि पार्टी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले अपने मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रही है और चर्चाओं में यह भी सामने आया है कि लगभग 45 विधायकों को शायद टिकट नहीं दिया जाएगा।

सरीन ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी का नेतृत्व अपने लगभग आधे मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन से असंतुष्ट है, तो इससे राज्य सरकार के लगभग पांच साल के कार्यकाल के दौरान उसके समग्र कामकाज पर गंभीर सवाल उठते हैं।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब में बदलाव लाने के वादे के साथ सत्ता में आई थी और उसने जनता से कई वादे किए थे।

हालांकि, अगर सरकार मानती है कि उसका प्रदर्शन संतोषजनक रहा है, तो अब इतनी बड़ी संख्या में मौजूदा विधायकों को बदलने की चर्चा क्यों हो रही है? क्या यह इस बात का संकेत नहीं है कि पार्टी खुद अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में असमर्थता को लेकर चिंतित है?

सरीन ने आगे याद दिलाया कि चुनाव प्रचार के दौरान अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने बार-बार वादा किया था कि आम पृष्ठभूमि से आने वाले समर्पित पार्टी स्वयंसेवकों को विधायक बनने के अवसर दिए जाएंगे।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी ने अब उन्हीं स्वयंसेवकों से विधायक बने लोगों पर से भरोसा खो दिया है, जिनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में मदद की थी?

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को पंजाब की जनता के सामने अपने विधायकों के प्रदर्शन, चुनावी वादों की पूर्ति और सत्ता में आने में योगदान देने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बारे में स्पष्ट जवाब पेश करने होंगे।

सरीन ने आगे कहा कि पंजाब की जनता उस सरकार से जवाबदेही की हकदार है, बहाने की नहीं, जिसने एक नई राजनीतिक संस्कृति और बेहतर शासन का वादा करते हुए सत्ता हासिल की थी।