छतरपुर/नौगांव, कमल यादव। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले अंतर्गत नौगांव कस्बे में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को तराशने और उन्हें मंच प्रदान करने के उद्देश्य से पेप्टेक ग्रुप द्वारा एक भव्य पेंटिंग एवं ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में नौगांव नगर के आधा दर्जन प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्राथमिक वर्ग के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगों और कूची (ब्रश) के जरिए अपनी कल्पनाओं को कागज पर उकेरकर उपस्थित दर्शकों और शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजकों ने बताया कि यह प्रतियोगिता का पहला चरण था, जिसके सफल प्रतिभागी अब जिला मुख्यालय स्थित पेप्टेक टाउन में आयोजित होने वाले द्वितीय चरण में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
नगर के प्रतिष्ठित विद्यालयों के नन्हे कलाकारों ने लिया भाग
पेप्टेक ग्रुप के दुर्गेश गुप्ता ने प्रतियोगिता की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आयोजन में नगर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों—बीएस पब्लिक स्कूल, विद्या निकेतन स्कूल, जीसीएम कॉन्वेंट, आरएस मेमोरियल और लीड इंडिया पब्लिक स्कूल के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रतियोगिता को विशेष रूप से केजी-1 से लेकर कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया था, ताकि शुरुआती उम्र से ही बच्चों में कलात्मक सोच और रचनात्मक कौशल का विकास किया जा सके।
प्रतिभाओं को मंच देना उद्देश्य, छतरपुर में होगा फाइनल चरण
आयोजकों के अनुसार, इस प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आत्मविश्वास से भरपूर मंच उपलब्ध कराना है। नौगांव में आयोजित यह स्पर्धा प्रतियोगिता का प्राथमिक चरण (राउंड-1) रही। इसमें चयनित और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बाल कलाकारों को अब छतरपुर स्थित पेप्टेक टाउन में आयोजित होने वाले भव्य द्वितीय चरण में अपनी कला का हुनर दिखाने का अवसर दिया जाएगा। दोनों चरणों के समापन पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों को शील्ड, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
रंगों में झलकी बच्चों की अनोखी कल्पनाशीलता
प्रतियोगिता के दौरान नन्हे चित्रकारों ने पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति, सामाजिक संदेश और बाल कल्पनाओं पर आधारित बेहद खूबसूरत और जीवंत चित्र बनाए। रंग-बिरंगी आकृतियों और कल्पनाशीलता के अनूठे संगम ने हर किसी को प्रभावित किया। शिक्षकों और अभिभावकों ने पेप्टेक ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में बौद्धिक विकास और कला के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।














