भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग एक बड़ा तकनीकी नवाचार करने जा रहा है। जून-जुलाई 2027 में प्रस्तावित चुनावों को ध्यान में रखते हुए अब मतदान कार्य में लगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोबोट का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में एक विशेष रोबोट तैयार किया जा रहा है, जो शुरुआत में राज्य स्तर के अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेगा। इसके बाद इसी मॉडल के आधार पर जिलों और विकासखंड स्तर तक मैदानी अमले को ट्रेनिंग दी जाएगी। खास बात यह है कि मैदानी अमले की सुगमता के लिए रोबोट बुंदेली, बघेली और मालवी जैसी क्षेत्रीय बोलियों में भी प्रशिक्षण देगा।
निर्वाचन आयोग की इस पहल का एक बड़ा उद्देश्य प्रशिक्षण प्रक्रिया में होने वाले भारी-भरकम बजट को नियंत्रित करना भी है। अमूमन निकाय और पंचायत चुनावों के दौरान केवल प्रशिक्षण व्यवस्था, मास्टर ट्रेनरों के मानदेय, सत्रों के आयोजन और अधिकारियों की आवाजाही पर करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होती है। रोबोटिक व्यवस्था लागू होने से इन मदों में बड़े पैमाने पर वित्तीय बचत होने की उम्मीद है। हालांकि, रोबोट तैयार करने और उसके रखरखाव के वास्तविक आंकड़े सामने आने के बाद ही शुद्ध आर्थिक बचत का पूरा आकलन हो सकेगा।
इस तकनीकी व्यवस्था से प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सटीकता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। इंसानी प्रशिक्षण में अक्सर थकान, मनोदशा और मानवीय भूलों की संभावना बनी रहती है, जबकि एआई रोबोट में हर बैच को पूरी तरह सटीक और एक समान जानकारी मिलेगी। इसके जरिए अधिकारी और कर्मचारी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का ऑनलाइन अभ्यास कर सकेंगे, जिससे वास्तविक मशीनों के खराब होने या तकनीकी खराबी का खतरा भी नहीं रहेगा। इसके अलावा, जहां इंसानी मास्टर ट्रेनर सीमित समय के लिए उपलब्ध होते हैं, वहीं रोबोट चौबीसों घंटे शंका समाधान के लिए उपलब्ध रहेगा।
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी चुनावों के दृष्टिगत इस रोबोट को तैयार कराया जा रहा है। यह रोबोट पूरी चुनाव प्रक्रिया, आदर्श आचार संहिता के नियम, नामांकन की बारीकियों और चुनाव से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो चुनावी प्रशिक्षण की पारंपरिक व्यवस्था में यह देश का एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम साबित होगा।














