भोपाल। मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने पत्रकार वार्ता के दौरान इस आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। 'विरासत से विकास' की थीम पर आधारित इस राज्योत्सव में प्रदेश की पिछले सात दशकों की विकास यात्रा, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और कलात्मक विविधताओं की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। आम नागरिकों के लिए तीनों दिन समारोह में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।


समारोह का शेड्यूल और मुख्य आकर्षण

1 नवंबर को शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भव्य राज्योत्सव का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। शुभारंभ के अवसर पर 71 बच्चे सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी जाएगी और भव्य आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा। राज्योत्सव के पूर्वाभ्यास के रूप में 30 और 31 अक्टूबर को भोपाल के प्रमुख मार्गों से 400 से अधिक कलाकार भव्य 'सांस्कृतिक गौरव यात्राएं' निकालेंगे।


मोहाली ठाकुर और मामे खान की संगीतमय प्रस्तुतियां

राज्योत्सव के तीनों दिन देश के जाने-माने कलाकारों और लोक/जनजातीय समूहों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी: प्रसिद्ध पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर सुगम संगीत की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। प्रदेश की पारंपरिक लोक संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए अहिराई, करमा, सैला, भगोरिया, मटकी और बधाई जैसे प्रसिद्ध लोक एवं जनजातीय नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी। सुप्रसिद्ध लोक गायक मामे खान की सुरीली प्रस्तुति के साथ तीन दिवसीय राज्योत्सव का समापन होगा।


पुरस्कार, छात्रवृत्ति एवं प्रतियोगिताओं के इनाम

राज्योत्सव के मंच से राज्य सरकार मेधावी छात्रों और किसानों को सम्मानित करेगी: राज्य के 102 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान की जाएगी। कृषि क्षेत्र से जुड़ी प्रतियोगिता के 165 विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटर जैसे बड़े पुरस्कारों से नवाजा जाएगा।


प्रदर्शनी, स्वाद मेला और विशेष आकर्षण

भोपाल की ऐतिहासिक विरासत पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें भोपाल के इतिहास से जुड़ी 160 दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी। कृषि, उद्योग, संस्कृति और जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनियों के माध्यम से मध्य प्रदेश की उपलब्धियों और नए नवाचारों को दिखाया जाएगा। आगंतुकों के लिए विशेष व्यंजन मेले का आयोजन होगा, जहां प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक और देसी व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। स्थानीय स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प व स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।