छतरपुर। मिलावटखोरों और अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशानुसार एसडीएम (राजस्व) राजललन बागरी के नेतृत्व में गठित संयुक्त जांच दल ने मंगलवार को शहर के हटवारा स्थित बजरंग मावा भंडार की दुकान और उसके गोदाम पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की। राजस्व, खाद्य सुरक्षा प्रशासन, नापतौल विभाग और पुलिस बल की इस संयुक्त दबिश से इलाके के व्यापारियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया।


जांच दल ने जब बजरंग मावा भंडार के गोदाम का सघन निरीक्षण किया, तो वहां भारी मात्रा में तैयार मिठाइयां और सात बोरियों में भंडारित मावा पाया गया। मौके पर मौजूद दुकानदार द्वारा खाद्य सामग्री के वैध क्रय-विक्रय बिल प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा तत्काल 'अनुष्का काजू डोंडा बर्फी', 'नैना जी स्वीट्स' की मिठाई और बोरियों में रखे मावे के विधिक नमूने (सैंपल) जांच के लिए सील किए गए। इसके बाद गोदाम में मौजूद करीब 1 लाख 40 हजार रुपये की समस्त खाद्य सामग्री को जब्त करते हुए गोदाम को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है और जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ वैधानिक धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ कार्रवाई के दौरान नापतौल विभाग ने भी बड़ी अनियमितताएं पकड़ीं। निरीक्षण में दुकान से बिना सरकारी सील-सत्यापन के इस्तेमाल की जा रही एक अमानक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन बरामद कर जब्त की गई। इसके अतिरिक्त, मिठाई के पैकेटों पर विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियमों के तहत अनिवार्य घोषणाएं (जैसे निर्माण तिथि, एक्सपायरी, वजन और निर्माता का विवरण) दर्ज नहीं पाई गईं। इस गंभीर उल्लंघन पर नापतौल विभाग ने पैकेटों को जब्त कर संबंधित व्यापारी के खिलाफ विभागीय प्रकरण दर्ज किया है।


इस संयुक्त छापामार कार्रवाई में नायब तहसीलदार आर.आर. गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस.के. तिवारी, नापतौल निरीक्षक आर.एस. दहायत सहित पुलिस बल के अधिकारी व जवान मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले के सभी खाद्य और मिष्ठान कारोबारियों को दो टूक चेतावनी दी है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं नापतौल मानकों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए ही व्यवसाय करें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों पर यह संयुक्त धरपकड़ अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।