मुंबई। अभिनेता और कमीडियन मुश्ताक खान के निधन पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने शोक जताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। संगठन ने कहा कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने एक सच्चा कलाकार, नेकदिल इंसान और अपने परिवार का एक प्यारा सदस्य खो दिया है।ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की ओर से मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कैंसर से बहादुरी से लड़ने के बाद उन्होंने गुरुवार की शाम दुनिया को अलविदा कह दिया।
संगठन ने कहा कि मुश्ताक खान के निधन से बॉलीवुड समेत पूरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने कहा कि सैकड़ों फिल्मों के अपने लंबे करियर में मुश्ताक खान ने साबित किया कि एक सपोर्टिंग एक्टर भी दर्शकों के दिलों पर लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ सकता है।
संगठन ने उनकी फिल्मों को याद करते हुए कहा कि दर्शक उन्हें 'वेलकम', 'गदर: एक प्रेम कथा', 'जोड़ी नंबर 1', 'आशिकी', 'सड़क', 'दिल है कि मानता नहीं' और 'हम हैं राही प्यार के' जैसी फिल्मों में उनके किरदारों के लिए हमेशा याद रखेंगे।
खासतौर पर फिल्म 'वेलकम' में उनका मशहूर डायलॉग, "मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था", लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ था। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने इसे हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार कॉमिक डायलॉग में से एक बताते हुए कहा कि इतने वर्षों बाद भी यह लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले आता है।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने मुश्ताक खान की कॉमेडी को उनकी खासियत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अदाकारी और हास्य के जरिए लाखों लोगों को हंसाया और इसी वजह से वह अनगिनत परिवारों के लिए जाना-पहचाना चेहरा बन गए।
संगठन ने कहा कि उनके साथ काम करने वाले लोग जानते थे कि उनकी प्रतिभा से भी बढ़कर उनका व्यवहार था। सह-कलाकारों से लेकर स्पॉट बॉय तक, वह सभी के साथ गर्मजोशी और दयालुता से पेश आते थे।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने कहा कि मुश्ताक खान फिल्म इंडस्ट्री के लिए केवल एक साथी कलाकार नहीं थे, बल्कि फिल्म बिरादरी के परिवार का हिस्सा थे और उनकी जगह को भर पाना संभव नहीं है।
संगठन ने उनके निधन को एक युग का अंत बताते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री और लोगों के दिलों में उनके जाने से पैदा हुई कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी, लेकिन उनका काम, उनकी हंसी और उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने इस दुख की घड़ी में मुश्ताक खान के परिवार के साथ खड़े होने की बात कही और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मुश्ताक खान का गुरुवार को 56 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और उनकी बीमारी आखिरी स्टेज में पहुंच चुकी थी। उन्होंने गुरुवार शाम करीब 7 बजे अंतिम सांस ली।
मुश्ताक खान का जन्म 31 दिसंबर 1969 को मध्य प्रदेश में हुआ था। उनका परिवार मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर से जुड़ा रहा। उनकी पत्नी का नाम सलमा खान है और उनके दो बेटे हैं।














