वॉशिंगटन। अमेरिका और चीन ने अपने बीच चल रहे व्यापारिक संघर्षविराम (ट्रेड ट्रूस) को 10 जनवरी 2027 तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस फैसले से नवंबर में समाप्त होने वाली मौजूदा समयसीमा दो महीने के लिए आगे बढ़ गई है।

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वॉशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करने जा रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी।

स्कॉट बेसेंट ने 23 सितंबर को चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ बैठक के बाद संघर्षविराम बढ़ाने की घोषणा की। दक्षिण कोरिया के बुसान में दोनों देशों के बीच हुआ मौजूदा व्यापारिक समझौता पहले 10 नवंबर को समाप्त होने वाला था।

बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा, "हमने आज इस संभावना पर चर्चा की कि छोटे-छोटे समझौतों की बजाय क्या कोई बड़ा आर्थिक समझौता किया जा सकता है।" हालांकि, उन्होंने यह भरोसा नहीं दिया कि 10 जनवरी 2027 तक व्यापक व्यापार समझौता हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाने या बड़े समझौते पर विचार करने, दोनों विकल्पों के लिए तैयार है।

उन्होंने चीन की ओर से किए गए वादों के पालन का भी जिक्र किया। बेसेंट के अनुसार, बीजिंग अमेरिका से 2.5 करोड़ टन सोयाबीन खरीदने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर रहा है, लेकिन अन्य अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद से जुड़े एक अलग वादे पर अभी पीछे है।

इस वजह से दोनों देशों के बीच आगे भी व्यापार वार्ताएं जारी रहेंगी। संघर्षविराम बढ़ाने का मतलब यह नहीं है कि दोनों पक्षों के सभी व्यापारिक मतभेद सुलझ गए हैं।

व्यापार वार्ता के साथ-साथ दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर औपचारिक संवाद शुरू करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। बेसेंट ने चीनी नेतृत्व के साथ गंभीर एआई घटनाओं के लिए एक संचार तंत्र बनाने और नवंबर में शेनझेन में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन के दौरान फिर बैठक करने पर भी चर्चा की।

वॉशिंगटन पहुंचने के बाद जारी बयान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका-चीन संबंधों को अधिक स्थिर बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, "दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए।"