गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को घोषणा की कि 26 कुत्तों को बचा लिया गया है और उन्हें नया जीवन मिला है। उन्होंने राज्य सरकार की पशु अवैध व्यापार और शोषण से निपटने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए सरमा ने कहा कि बचाए गए जानवरों को अब खुशहाल और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने पोस्ट किया कि 26 प्यारे दोस्तों को बचाया गया और उन्हें एक बेहतर भविष्य का मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि बचाए गए जानवरों के लिए देखभाल, दया और आशा का एक नया अध्याय इंतजार कर रहा है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असम निर्दोष जानवरों के अवैध व्यापार और शोषण के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।
सरमा ने अपने पोस्ट में कहा कि किसी भी जीवन को वस्तु की तरह नहीं समझा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जानवरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उनके बचाव में सहायता करने के लिए असम पुलिस की भी सराहना की।
पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीरों में एक केंद्र में कई कुत्ते दिखाई दे रहे थे, जिनकी देखभाल लोग कर रहे थे। बचाव के बाद इन जानवरों को चिकित्सा सहायता दी जा रही थी।
यह बचाव अभियान पशु क्रूरता, अवैध पशु व्यापार और पशु संरक्षण कानूनों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है।
सरमा के बयान में राज्य सरकार का जानवरों को व्यावसायिक वस्तु मानने के खिलाफ रुख स्पष्ट किया गया और उनके शोषण को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री की पोस्ट में जानवरों के प्रति करुणा और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार की आवश्यकता पर भी ध्यान दिलाया गया, विशेष रूप से उन जानवरों के प्रति जो तस्करी, उपेक्षा और दुर्व्यवहार के शिकार हैं।
बचाए गए जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए असम पुलिस की सराहना की गई है, जिन्हें अब चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
इस घटनाक्रम को राज्य में पशु शोषण को रोकने और पशु कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया और न ही उन परिस्थितियों के बारे में कोई और जानकारी दी जिनमें 26 कुत्तों को बरामद किया गया था।

















