छतरपुर, विनोद मिश्रा। छतरपुर में त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है। काजू कतली हो, बर्फी हो या अन्य पारंपरिक मिठाइयां, उन पर चमकता हुआ चांदी का वर्क मिठाइयों को शाही अंदाज देता है। लेकिन मिठाइयों पर लगने वाली इस चमकीली परत के पीछे परंपरा के साथ-साथ शुद्धता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आखिर यह वर्क असली चांदी का है या सस्ता एल्युमिनियम? इसकी कीमत में इतना बड़ा अंतर क्यों है?
मिठाई कारोबार से जुड़े दुकानदारों के मुताबिक, असली चांदी का वर्क मुख्य रूप से अहमदाबाद की फैक्ट्रियों से मंगाया जाता है। इसकी एक गड्डी में लगभग 150 पीस होते हैं और इसकी वर्तमान कीमत करीब 2000 से 2500 रुपये तक है। जानकारों का कहना है कि पहले इसी तरह की गड्डी करीब 600 रुपये में मिल जाती थी, लेकिन चांदी की कीमतें बढ़ने के कारण वर्क के दाम में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके विपरीत, एल्युमिनियम से बने वर्क की कीमत मात्र 50 रुपये प्रति गड्डी है, जिसमें भी लगभग 150 पीस होते हैं। इस सस्ते एल्युमिनियम वर्क का इस्तेमाल आमतौर पर फलों की सजावट और शादी-समारोहों में किया जाता है।
भारतीय खानपान और शाही दावतों में मिठाइयों पर सोने और चांदी का वर्क लगाने की परंपरा सदियों पुरानी रही है। पुराने समय में इसे प्रतिष्ठा, समृद्धि और खास मेहमानों के सम्मान का प्रतीक माना जाता था। आज भी त्योहारों, शादी-विवाह और विशेष आयोजनों में चांदी का वर्क मिठाइयों की सजावट का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। हालांकि, मिलावटखोरों द्वारा चांदी के स्थान पर एल्युमिनियम का उपयोग किए जाने से उपभोक्ताओं की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है।
असली चांदी के वर्क की पहचान को लेकर दुकानदारों का मानना है कि असली वर्क को उंगलियों से हल्के से रगड़ने पर वह बारीक होकर फैल जाता है या उंगलियों पर स्पष्ट परत के रूप में नहीं टिकता, जबकि एल्युमिनियम का वर्क उंगलियों पर आसानी से चिपक सकता है। हालांकि, केवल छूकर या रगड़कर वर्क की शुद्धता की पूरी पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए विश्वसनीय दुकानों से खरीदारी और जरूरत पड़ने पर प्रयोगशाला जांच ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।
खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाला वर्क पूरी तरह से खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। केवल चमक देखकर उसकी शुद्धता का अंदाजा लगाना समझदारी नहीं है। यदि चांदी के वर्क के नाम पर किसी हानिकारक धातु के इस्तेमाल की आशंका हो, तो उपभोक्ता संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से इसकी शिकायत कर सकते हैं। त्योहारों की इस रौनक के बीच जरूरी है कि मिठाइयां हमेशा विश्वसनीय और प्रतिष्ठित दुकानों से ही खरीदी जाएं ताकि आपकी सेहत पर कोई आंच न आए।













