दोहा। कतर में भारत के नए राजदूत श्रीकर रेड्डी ने गुरुवार को विदेश राज्य मंत्री सुल्तान बिन साद अल मुरैखी को अपने नियुक्ति पत्र की प्रति सौंपी और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।कतर स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया, "कतर में भारत के राजदूत डॉ. के श्रीकर रेड्डी ने सुल्तान बिन साद अल मुरैखी, विदेश राज्य मंत्री से मुलाकात की और नियुक्ति पत्र की प्रति प्रस्तुत की। राजदूत ने भारत के नेतृत्व की ओर से शुभकामनाएं दीं और दोनों ने भारत-कतर संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के उपायों को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया।"

बता दें कि राजदूत रेड्डी शनिवार को दोहा पहुंचे थे, जहां प्रभारी राजदूत संदीप कुमार और प्रोटोकॉल विभाग के निदेशक इब्राहिम यूसुफ फखरो ने उनका स्वागत किया।

भारतीय दूतावास ने 'एक्स' पर कहा, "कतर में भारत के नामित राजदूत डॉ. श्रीकर रेड्डी गुरुवार को दोहा पहुंचे। प्रभारी राजदूत संदीप कुमार राजदूत इब्राहिम यूसुफ फखरो, और प्रोटोकॉल निदेशक के साथ डॉ. रेड्डी के स्वागत में शामिल हुए। दूतावास नए राजदूत को दिए गए गर्मजोशी भरे भव्य स्वागत के लिए राजदूत इब्राहिम फखरो का धन्यवाद करता है। हम भारत और कतर के बीच घनिष्ठ और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।"

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जुलाई में मध्य-पूर्वी देश का दौरा किया था और दोहा में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से भी मुलाकात की थी।

बैठक के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर और प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के नए अवसरों की तलाश की।

विदेश मंत्री जयशंकर ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "आज दोहा में कतर के पीएम और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मिलकर खुशी हुई। भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए उनका धन्यवाद किया। हमारे द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं, विशेष रूप से ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों की समीक्षा की। हमारी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के नए अवसरों की तलाश की। पश्चिम एशिया संघर्ष और उसके प्रभाव पर उनके आकलन साझा करने की सराहना की।"