मैहर/अमरपाटन, नरेन्द्र पटेल। मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र में देर रात एक जंगली हाथी के पहुंचने से एक दर्जन से अधिक गांवों में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र से निकलकर बाणसागर जलाशय तक पहुंचा और करीब 5 किलोमीटर तक पानी में तैरकर जलाशय को पार करते हुए तीसरे दिन अमरपाटन क्षेत्र में दाखिल हुआ।
हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया। ग्रामीणों को लाउडस्पीकर के माध्यम से सतर्क रहने, रात के समय घरों से बाहर नहीं निकलने और कच्चे मकानों में नहीं रहने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग की टीमें हाथी की लगातार निगरानी कर रही हैं और उसे आबादी वाले इलाकों से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि देर शाम से ही जिले भर की वन विभाग की टीमें हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने के अभियान में जुटी हुई हैं। हाथी को आबादी से दूर करने के लिए सायरन बजाकर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
ओबरा में झोपड़ी तहस-नहस, भीषमपुर में घर में तोड़फोड़
हाथी ने ग्राम ओबरा में देर रात एक झोपड़ी को तहस-नहस कर दिया। वहीं भीषमपुर में भी हाथी ने एक घर में तोड़फोड़ करते हुए सामान को बिखेर दिया। हालांकि, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटनाओं के बाद ग्रामीणों में और अधिक भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग के निर्देश पर प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति भी बंद कराई गई है, ताकि हाथी के मूवमेंट के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
वन विभाग और पुलिस अमला मौके पर
हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग का बड़ा अमला मौके पर मौजूद है। डीएफओ विद्या भूषण मिश्रा, व्हाइट टाइगर सफारी के संयुक्त संचालक रामेश्वर टेकाम, एसडीओ सिद्धार्थ दीपांकर, रेंजर प्रफुल त्रिपाठी सहित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और स्थानीय वन अमला रेस्क्यू अभियान में जुटा है।
वहीं अमरपाटन तहसीलदार और पुलिस बल भी ग्रामीणों को लगातार सतर्क कर रहे हैं। वन विभाग की कोशिश है कि हाथी को बिना किसी नुकसान के आबादी वाले क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित रूप से जंगल की ओर ले जाया जाए।
फिलहाल अमरपाटन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हाथी की मौजूदगी को लेकर दहशत बनी हुई है। वन विभाग की टीमें हाथी के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।




