छतरपुर। हिनौता थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत हथौहा के मजरा क्योटरा में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे भारी बारिश के बीच एक कच्ची झोपड़ी भरभराकर ढह गई। दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से केवट परिवार की दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। मृतकों में एक बच्ची की उम्र करीब 12 वर्ष, जबकि दूसरी महज 2 माह की थी। दोनों रिश्ते में बुआ-भतीजी बताई जा रही हैं। हादसे में दो माह की बच्ची की मां भी मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गई।

हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला। सभी को उपचार के लिए चंदला स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।


पोस्टमार्टम हाउस पर गूंजती रही परिजनों की चीख-पुकार

हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक मातम पसरा रहा। एक ओर घायल मां जिंदगी और मौत से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर मासूम बच्चियों के शवों के पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। अपनी लाड़लियों की अंतिम झलक पाने के लिए परिजन बिलखते रहे। महज दो माह की बच्ची, जिसने अभी दुनिया को ठीक से देखना भी शुरू नहीं किया था, उसकी दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।


गरीब परिवारों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे ने प्रशासन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि जब गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, तो जरूरतमंद परिवार आज भी जर्जर कच्ची झोपड़ियों में रहने को मजबूर क्यों हैं? लगातार बारिश के दौरान कच्चे मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। हादसे ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक समय रहते क्यों नहीं पहुंच पा रहा है। क्या किसी गरीब परिवार को आवास योजना का लाभ मिलने से पहले अपना घर और अपनों को खोने का इंतजार करना पड़ेगा?


अस्पताल पहुंचे राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, बंधाया ढांढस

हादसे की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से घायल महिला के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। राज्य मंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक-संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें इस दुखद घड़ी में सांत्वना दी।


तत्काल 50 हजार की आर्थिक सहायता, हर संभव मदद का आश्वासन

राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने पीड़ित परिवार को फौरी राहत के रूप में मौके पर ही ₹50,000 की तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन की ओर से प्राकृतिक आपदा व आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली समस्त आर्थिक सहायता व मुआवजा राशि पीड़ित परिवार को शीघ्र प्रदान की जाएगी। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों की जांच और आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।