सागर, जीशान खान। बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने बंडा के वार्ड क्रमांक 11 और 12 में चिह्नित संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान तीन जेसीबी मशीनों के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।


प्रशासन की ओर से पांच प्रमुख ठिकानों को कार्रवाई के लिए चिह्नित किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, मौके पर तीन आरोपियों से जुड़ी करीब छह संपत्तियों में नियम विरुद्ध पाए गए निर्माण और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई।


कार्रवाई की जद में करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष बताए जा रहे चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू, आरोपी मनीष लोधी और आशीष साहू से जुड़ी संपत्तियां शामिल हैं। प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई से पहले राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का परीक्षण करते हुए नाप-जोख की। इसके बाद अनधिकृत पाए गए निर्माण को जेसीबी की मदद से हटाया गया।


मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

जहरीली शराब कांड की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर पहुंचकर पूरे मामले की समीक्षा की थी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और राजस्व अमले ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।


प्रशासन की ओर से कहा गया है कि अवैध शराब कारोबार और उससे जुड़ी संपत्तियों के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। चिह्नित संपत्तियों की वैधानिक स्थिति और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद अनधिकृत निर्माण हटाए जा रहे हैं।


जांच के साथ जारी है संपत्तियों पर कार्रवाई

बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में पुलिस पहले ही अवैध शराब के कथित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक बड़ी मात्रा में अवैध शराब और उससे जुड़ी सामग्री बरामद की गई है तथा कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में करीब 30 आरोपियों की पहचान किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।


सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश भी दिए हैं। जांच में जहरीली शराब के निर्माण, सप्लाई और वितरण के नेटवर्क के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर संभावित लापरवाही की भी पड़ताल की जा रही है।


बंडा में आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को शराब कांड के बाद प्रशासन की अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई फिलहाल जारी है। हालांकि, मामले में आरोपी बनाए गए लोगों की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।