देवास, हेमंत गुर्जर। मध्य प्रदेश के देवास जिले में कर्तव्य वेदी पर तैनात खातेगांव थाना प्रभारी (टीआई) दिलीप पुरी गोस्वामी को ट्रक से कुचलकर मारने के सनसनीखेज मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने शराब तस्करी के अंतरराज्यीय सिंडिकेट और उसके आर्थिक नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है। देवास पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के अनुसार, पुलिस का फोकस अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध शराब कारोबार के पूरे वित्तीय लेन-देन, सिंडिकेट के असली सरगनाओं और गुजरात तक शराब की खेप पहुंचाने वाले रास्तों को पूरी तरह बेनकाब करने पर केंद्रित हो चुका है। इस कड़ी में टिमरनी शराब दुकान के एरिया मैनेजर भूपेंद्र राणा को भी गिरफ्तार कर न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
हरदा और टिमरनी के कार्यालयों पर दो दिन छापेमारी, हिसाब-किताब की डायरी व नकदी जब्त
एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीमों ने हरदा और टिमरनी स्थित शराब दुकानों से जुड़े व्यावसायिक कार्यालयों पर लगातार दो दिनों तक सघन छापामार कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने मौके से लाखों रुपये की नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और सिंडिकेट के पार्टनरों के बीच होने वाले मुनाफे के बंटवारे का पूरा हिसाब रखने वाली एक गुप्त डायरी जब्त की है। जब्त दस्तावेजों में शराब की अवैध बिक्री, टैक्स चोरी और पार्टनरशिप के वित्तीय लेन-देन का विस्तृत रिकॉर्ड दर्ज है। सबसे अहम बात यह सामने आई है कि जिस बैच नंबर की अवैध शराब टीआई की हत्या में इस्तेमाल किए गए ट्रक में लदी थी, उसी बैच नंबर से संबंधित आधिकारिक कागजात भी इन कार्यालयों से बरामद हुए हैं, जिससे शराब सिंडिकेट से आरोपियों का सीधा जुड़ाव पुख्ता हो गया है।
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पत्नी के कियोस्क खाते से ट्रक की फाइनेंसिंग, 6 महीने के फास्टैग डेटा से खुला गुजरात रूट
जांच के दौरान तस्करी के वित्तीय तरीकों का भी बड़ा पर्दाफाश हुआ है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपियों में शामिल केरम सिंह ने अवैध शराब परिवहन में प्रयुक्त ट्रक की फाइनेंसिंग से जुड़ी किस्तों का भुगतान अपनी पत्नी के नाम पर संचालित कियोस्क बैंक खाते के जरिए किया था। पुलिस अब इस खाते से जुड़े अन्य संदिग्ध ट्रांजैक्शन की गहनता से पड़ताल कर रही है। वहीं, मध्य प्रदेश से गुजरात के ड्राई स्टेट तक शराब पहुंचाने के रूट का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने ट्रक के फास्टैग का पिछले छह महीने का पूरा डेटा खंगाला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब से भरा ट्रक इंदौर के महू, पीथमपुर और आलीराजपुर के रास्ते से होकर गुजरात सीमा में प्रवेश करता था। इसके अलावा शराब की तस्करी के लिए ट्रक के ढांचे में विशेष बदलाव (मॉडिफिकेशन) करने वाले मैकेनिक की पहचान कर उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बसों और पेट्रोल पंपों की जांच, फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम
पूछताछ के दौरान आरोपी राहुल जायसवाल ने दावा किया था कि वह शराब कारोबार में पार्टनर के तौर पर जुड़ा है और बसों व पेट्रोल पंप का भी संचालन करता है। हालांकि पुलिस सत्यापन में पेट्रोल पंप के कागजात आरोपियों के नाम पर नहीं पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने उनकी पूरी अवैध संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के तहत राहुल जायसवाल से जुड़ी कुछ बसों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में हिरासत में लिए गए कुल आरोपियों में से दो अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि तीन पुलिस रिमांड पर हैं। वहीं मामले में शामिल चार से पांच अन्य मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, जिन पर पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें इंदौर, अहमदाबाद और आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।













