भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अति-सुरक्षित माने जाने वाले विधायक विश्राम गृह (एमएलए रेस्ट हाउस) से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। यहां महिदपुर (उज्जैन) से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन 'बोस' के शासकीय आवास (कमरे) में एक युवक और युवती आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। विधायक के अचानक कमरे पर पहुंचने से दोनों रंगे हाथों पकड़े गए। विधायक का गंभीर आरोप है कि पकड़े गए दोनों युवक-युवती पुलिस विभाग के कर्मचारी हैं और मौके पर वर्दी उतारकर आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त थे। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद विधायक विश्राम गृह की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और वहां तैनात केयरटेकरों की मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


भोपाल प्रवास पर पहुंचे थे विधायक, ताला खोलते ही सामने आया नजारा

घटनाक्रम की जानकारी देते हुए महिदपुर विधायक दिनेश जैन बोस ने बताया कि वे शासकीय कार्य और संगठनात्मक बैठकों के सिलसिले में 2 नवंबर को भोपाल आए थे। शाम के समय जब वे अपने आवंटित शासकीय कक्ष में पहुंचे और दरवाजा खोला, तो भीतर का दृश्य देखकर दंग रह गए। कमरे के अंदर एक युवक और युवती अत्यंत आपत्तिजनक हालत में मौजूद थे। विधायक को अचानक सामने देखकर दोनों के होश उड़ गए और कमरे में अफरा-तफरी मच गई। विधायक का दावा है कि उनमें से एक ने उनके कमरे में दाखिल होने से ठीक पहले हड़बड़ाहट में वर्दी पहन ली थी, जबकि दूसरे ने उनके सामने ही अपनी पुलिस की वर्दी पहनी, जिससे साफ हुआ कि दोनों पुलिस विभाग से जुड़े हुए हैं।


विधानसभा सचिवालय में लिखित शिकायत, सुरक्षा और केयरटेकरों पर उठे सवाल

इस बेहद अशोभनीय और गंभीर सुरक्षा चूक पर विधायक दिनेश जैन बोस ने कड़ा एतराज जताते हुए तत्काल विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। विधायक की लिखित शिकायत को संज्ञान में लेते हुए विधानसभा सचिवालय ने मामले की उच्च स्तरीय विभागीय जांच शुरू करा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट त्योहार के बाद विधायक को सौंपी जाएगी। इस घटना ने वीआईपी परिसर माने जाने वाले विधायक विश्राम गृह की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। सवाल यह उठ रहा है कि जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित निजी कमरों की चाबियां गैर-अधिकृत लोगों तक कैसे पहुंचीं और सुरक्षा जांच चौकियों के होते हुए कोई बाहरी व्यक्ति इस तरह के कृत्यों के लिए सरकारी आवास का इस्तेमाल कैसे कर सकता है।


राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप, कड़ी कार्रवाई की मांग

विधायक विश्राम गृह में पुलिसकर्मियों के आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने की खबर फैलते ही राजधानी के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर सियासी चर्चाएं और कानाफूसी तेज हो गई हैं। जनप्रतिनिधियों ने इसे विशेषाधिकार और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताते हुए परिसर के सभी केयरटेकरों व सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की सघन जांच कराने की मांग की है। मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनहीनता और अनधिकृत प्रवेश के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।