नर्मदापुरम/सोहागपुर। नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिपरिया रोड पर एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है। यहां 'राजपूत ढाबा' के संचालक और सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता सचिन राजपूत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सोहागपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है और मुख्य आरोपी योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई देसी पिस्टल और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।


पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात बीती 17 जून 2026 की रात को घटित हुई थी। महुआ गांव के पास ढाबा संचालित करने वाले सचिन राजपूत रात के समय अपने ढाबे पर मौजूद थे। इसी दौरान सीहोर जिले के ग्राम बुधनी का रहने वाला उनका परिचित योगेंद्र उर्फ योगी गुर्जर (उम्र 30 वर्ष) वहां पहुंचा। चूंकि सचिन उसे रिश्ते में अपना मुंह बोला जीजा कहता था, इसलिए उसने योगेंद्र पर भरोसा किया। ढाबे के सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी सचिन के पैर छूते और बातचीत करते दिखाई दिया, जिसके बाद वह सचिन को अपनी बाइक पर बैठाकर बहाने से करीब 80 किलोमीटर दूर से आकर सुनसान इलाके की तरफ ले गया।


मोबाइल लोकेशन से रात 3 बजे नहर पर मिला खून से लथपथ शव

सचिन जब देर रात तक अपने घर नहीं लौटे, तो परिजनों और ढाबा कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना शोभापुर पुलिस चौकी को दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी राहुल पटेल ने पुलिस टीम के साथ तकनीकी साक्ष्य जुटाते हुए सचिन के मोबाइल की अंतिम लोकेशन ट्रेस की। मोबाइल की यह लोकेशन पिपरिया-नर्मदापुरम स्टेट हाईवे से करीब एक किलोमीटर दूर रानी पिपरिया नहर क्षेत्र की तरफ मिली।


पुलिस टीम ने तुरंत सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया और रात करीब 3:00 बजे पोंढ़ी पांजरा रोड पर स्थित नहर की पुलिया के पास से सचिन का खून से लथपथ शव बरामद किया। सचिन के सिर के दाहिने हिस्से में बेहद करीब से गोली मारे जाने के गहरे निशान थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। बुधवार की सुबह जैसे ही इस निर्मम हत्याकांड की खबर सोहागपुर में फैली, स्थानीय नागरिकों और समर्थकों का आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने सोहागपुर में चक्काजाम कर दिया, जिससे हाईवे पर वाहनों की कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक (SP) साईं कृष्णा थोटा और थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने उचित कार्रवाई का ठोस आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।


चरित्र शंका के चलते रची गई थी खौफनाक साजिश

पुलिस की शुरुआती पूछताछ और तफ्तीश में हत्या की मुख्य वजह चरित्र शंका और अवैध संबंधों का शक सामने आई है। आरोपी योगेंद्र को यह गहरा संदेह था कि मृतक सचिन राजपूत के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। इसी रंजिश और शक के चलते उसने सचिन को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और पूरी तैयारी के साथ सोहागपुर पहुंचा। वह सचिन को अपनी बाइक पर बैठाकर रानी पिपरिया नहर की पुलिया पर ले गया और मौका पाकर उसके सिर में गोली मार दी।


हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, एएसपी अवधेश प्रताप सिंह और एसडीओपी श्रेया चौहान के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की मदद से आरोपी को दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त करीब 20 हजार रुपये मूल्य की देसी पिस्टल, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और वारदात के समय पहने हुए कपड़े जब्त किए गए हैं।


विधायक का करीबी था सचिन

मृतक सचिन राजपूत सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के एक बेहद सक्रिय और ऊर्जावान कार्यकर्ता थे। उन्हें सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह का बेहद करीबी समर्थक माना जाता था। सचिन क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक और खेल आयोजनों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। युवाओं के बीच उनकी गहरी पैठ थी और वे हर वर्ष क्षेत्र में लोकप्रिय 'विधायक ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता' का भव्य आयोजन भी कराते थे। उनकी असमय मौत से पूरे सोहागपुर अंचल में शोक की लहर व्याप्त है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है।