रतलाम| इंदौर से जोधपुर जा रही गाड़ी संख्या 12465 रणथंभौर एक्सप्रेस में गुरुवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब रतलाम रेल मंडल के आलोट स्टेशन से पहले लूनी रिछा के पास ट्रेन के एक जनरल कोच के पहिए से अचानक तेज धुआं और चिंगारियां उठने लगीं। चलती ट्रेन से धुआं निकलता देख बोगी के भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और हड़कंप जैसे हालात निर्मित हो गए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ट्रेन स्टाफ ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को बीच ट्रैक पर ही रोक दिया। सतर्कता बरतते हुए रेलवे कर्मचारियों और जीआरपी (GRP) के जवानों ने सूझबूझ दिखाई और महिलाओं व बच्चों सहित सभी यात्रियों को ट्रेन से नीचे उतारकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान रेल कर्मियों ने अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) की मदद से पहिए के पास सुलग रही आग पर काबू पाया।
चश्मदीद की जुबानी: 'यात्रियों का शोर सुनकर खुली नींद, नीचे देखा तो भरा था धुआं'
ट्रेन के प्रभावित जनरल डिब्बे में सफर कर रहे यात्री महेश ने इस खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे देर रात ट्रेन में सवार हुए थे। काफी थके होने के कारण वे बोगी की ऊपरी बर्थ पर सो गए थे। सुबह अचानक डिब्बे में यात्रियों के चिल्लाने और रोने की आवाजें सुनकर उनकी नींद खुली। जब उन्होंने नीचे झांककर देखा तो पूरी बोगी में धुआं फैल रहा था और ट्रेन खड़ी हो चुकी थी। यात्री अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर अपना सामान समेटकर नीचे उतरने की जद्दोजहद कर रहे थे। महेश भी तुरंत नीचे उतरे और अन्य यात्रियों के साथ ट्रैक के दूसरी तरफ सुरक्षित स्थान पर जाकर खड़े हो गए। बाद में तकनीकी टीम ने जांच कर बताया कि धुआं किसी बड़ी आग के कारण नहीं, बल्कि तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी ब्रेक लगने से पटरी और पहिए के बीच हुए अत्यधिक घर्षण (ब्रेक बाइंडिंग) के कारण उठा था।
रेलवे अमले की मुस्तैदी से बड़ा हादसा टला, फायर फाइटर से बुझाई आग
पहिए से धुआं उठने की भनक लगते ही ट्रेन में तैनात मैकेनिक स्टाफ, गार्ड और जीआरपी के जवान तुरंत हरकत में आए। बिना वक्त गंवाए बोगी में रखे अग्निशमन यंत्रों का इस्तेमाल शुरू किया गया और कुछ ही मिनटों में पहिए के पास उठ रही लपटों और धुएं को पूरी तरह शांत कर दिया गया। एहतियात के तौर पर रेलवे अमले ने यात्रियों को मुख्य ट्रैक से दूर दूसरी पटरी की तरफ कतारबद्ध खड़ा किया, ताकि किसी भी तरह की जनहानि या अन्य दुर्घटना से बचा जा सके। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कोई भी यात्री घायल या हताहत नहीं हुआ।
अप-लाइन का रेल यातायात प्रभावित, जांच के बाद जोधपुर रवाना हुई ट्रेन
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 9 बजकर 30 मिनट पर घटित हुआ। बीच ट्रैक पर रणथंभौर एक्सप्रेस के खड़े होने और पहिए की तकनीकी खराबी के सुधार कार्य के चलते इस रूट का रेल यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह प्रभावित हो गया। सुरक्षा के लिहाज से अप-लाइन पर पीछे से आ रही अवध एक्सप्रेस सहित इस रूट की अन्य यात्री व मालगाड़ियों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। रेलवे की तकनीकी टीम द्वारा रैक की पूरी बारीकी से जांच करने और पहिए को दुरुस्त करने के बाद रणथंभौर एक्सप्रेस को सुरक्षित रूप से जोधपुर के लिए आगे रवाना किया गया। ट्रेन के रवाना होने और ट्रैक क्लियर होने के बाद ही रोकी गई अन्य ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू हो सका, जिससे रेल प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली।

