नई दिल्ली, 27 मई । केंद्र सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की योजना पर गुरुवार को एक रोड शो आयोजित करेगा। 37,500 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय से शुरू की गई यह पहल भारत के विशाल कोयला और लिग्नाइट संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए स्वच्छ और मूल्यवर्धित तरीके के रूप में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह जानकारी कोयला मंत्रालय ने बुधवार को दी गई।कोयल मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह योजना वर्ष 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने और एलएनजी, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल जैसी प्रमुख वस्तुओं के आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
लगभग 2.5-3 लाख करोड़ रुपए के निवेश के साथ इस योजना से देश के कोयला उत्पादक क्षेत्रों में लगभग 25 परियोजनाओं में लगभग 50,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। इसके अलावा, योजना के तहत 75 मीट्रिक टन कोयले और लिग्नाइट के उपयोग से प्रतिवर्ष लगभग 6,300 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, साथ ही जीएसटी और अन्य करों के माध्यम से अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।
मंत्रालय ने बताया कि देश में एक सशक्त कोयला गैसीकरण इकोसिस्टम के विकास को गति देने के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के तहत इस रोड शो का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में नीति निर्माता, राज्यों के अधिकारी, उद्योगपति, निवेशक, प्रौद्योगिकी प्रदाता, वित्तीय संस्थान और अन्य प्रमुख हितधारक भारत में कोयला गैसीकरण के उभरते अवसरों, साझेदारियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आएंगे।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी.किशन रेड्डी और केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे उपस्थित रहेंगे। कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, अपर सचिव सनोज कुमार झा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।













