नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वर्ल्ड बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नीलकंठ मिश्रा, एनपीसीआई के एमडी और सीईओ दिलीप असबे के साथ कमोडिटी एंड कैपिटल मार्केट पार्टिसिपेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीपीएआई) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। निर्मला सीतारमण ऑफिस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इन मीटिंग की जानकारी दी गई। यह सभी मुलाकात अलग-अलग हुई हैं।
कमोडिटी एंड कैपिटल मार्केट पार्टिसिपेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीपीएआई) के प्रतिनिधियों से वित्त मंत्री ने ऐसे समय पर मुलाकात की है, जब बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है और सरकार विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार कम उठा रही है।
ताजा कदमों में विदेशी निवेशकों के लिए आरबीआई की ओर से इस महीने की शुरुआत में सरकारी प्रतिभूतियों में रिटर्न से होने वाली कमाई को टैक्स छूट के दायरे में लाना है। इससे एक तरफ तो देश में विदेशी निवेश बढ़ेगा। वहीं, दूसरी तरफ वैश्विक अस्थिरता के बीच डॉलर के मुकाबले रुपए में भी स्थिरता आएगी।
जून के मध्य में वित्त मंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
सीतारमण ने आगे कहा, "हम मानते हैं कि देश में और अधिक विदेशी पूंजी आने की जरूरत है। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों को विदेश से धन जुटाने की अनुमति देना इस कहानी का अंत नहीं है। हम आगे भी और कदम उठाएंगे।"
उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी निवेश बढ़ाने की आवश्यकता को समझती है और आरबीआई के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने पर काम कर रही है, जिससे बाजारों को आवश्यक निवेश मिलता रहे।

