गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर कुसम्ही जंगल के बीच बसे वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन में दीपावली का पर्व लेकर भारी उल्लास और उमंग का माहौल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रविवार (8 नवंबर) को वनटांगिया परिवारों के बीच पहुंचकर दीपोत्सव मनाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए 82.41 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।


सांसद काल से जारी परंपरा; 82.41 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

बतौर सांसद और गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी के रूप में वर्ष 2009 से शुरू हुई वनटांगियों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री 77.97 करोड़ रुपये के 26 कार्यों का शिलान्यास और 4.43 करोड़ रुपये के 26 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। रजही चौराहे से जंगल तिकोनिया नंबर तीन होते हुए पिपराइच मार्ग तक 3.65 करोड़ की लागत से बनने वाली इंटरलॉकिंग सड़क शामिल है, जिससे वनग्रामों की कनेक्टिविटी सुगम होगी।


कुसम्ही जंगल में ईको पार्क और पिपराइच में बनेगा वैश्विक नगर बाजार

ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 4.84 करोड़ रुपये की लागत से स्विस कॉटेज और आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको पार्क विकसित किया जाएगा। पिपराइच नगर पंचायत में 1.91 करोड़ रुपये की लागत से वैश्विक नगर बाजार का निर्माण कराया जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को नई दिशा मिलेगी।


ब्रिटिश हुकूमत से राजस्व ग्राम तक: वनटांगिया समुदाय का 100 साल का सफर

वर्ष 1918 में ब्रिटिश शासन के दौरान रेलवे स्लीपर के लिए साखू के पेड़ काटने के बाद पौधों की देखरेख के लिए बर्मा (म्यांमार) की 'टांगिया विधि' से मजदूरों को बसाया गया, जो वनटांगिया कहलाए। आजादी के बाद भी दशकों तक नागरिकता और अधिकारों से वंचित रहे इस समुदाय के लिए योगी आदित्यनाथ ने संघर्ष किया। वर्ष 2010 में अधिकार पत्र और मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले ही कार्यकाल में इन्हें राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा। आज जंगल तिकोनिया नंबर तीन सहित गोरखपुर व महराजगंज के 23 वनटांगिया गांवों में पक्के मकान, बिजली, सड़क, राशन कार्ड, पेंशन, आरओ वाटर और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।