गांधीनगर। गुजरात के विधिक माप विभाग ने नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के त्योहारों के दौरान किए गए विशेष निरीक्षणों में वजन और माप नियमों के उल्लंघन के लिए 860 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

विभाग ने राज्य भर में 1,597 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और जुर्माना शुल्क के रूप में 20.23 लाख रुपए वसूले।

ये निरीक्षण नवरात्रि और दशहरा के दौरान 11 से 20 अक्टूबर और दिवाली के दौरान 28 और 29 अक्टूबर को किए गए। इन निरीक्षणों में मिठाई की दुकानें, सूखे मेवों की दुकानें, थोक व्यापारी, सुपरमार्केट और मॉल शामिल थे।

उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रमन सोलंकी की देखरेख में यह अभियान चलाया गया ताकि उपभोक्ताओं को घोषित मात्रा से कम माल की आपूर्ति या अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने से रोका जा सके।

पकड़े गए उल्लंघनों में निर्धारित वजन से कम आपूर्ति करना, वजन मापने वाले यंत्रों का सत्यापन और मुहर न लगवाना, पैकेज्ड कमोडिटीज रूल्स (पीसीआर) के तहत निर्माताओं और पैकरों का पंजीकरण न होना और एमआरपी से अधिक कीमत वसूलना शामिल थे।

860 मामलों में से 515 मामलों वजन मापने वाले यंत्रों के सत्यापन और मुहर न लगवाने या पुनः सत्यापन और पुनः मुहर न लगवाने से संबंधित थे, जिसके लिए 6.61 लाख रुपए वसूले गए।

पैकर पंजीकरण प्राप्त न करने से संबंधित 69 अन्य मामलों में 5.08 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।

विभाग ने अन्य अनियमितताओं से जुड़े 145 मामलों में 3.46 लाख रुपए वसूल किए, जबकि कम वजन या मात्रा की आपूर्ति के 95 मामलों में 3.13 लाख रुपए की वसूली हुई।

अधिक कीमत वसूलने या एमआरपी संबंधी घोषणाओं में हेरफेर करने के 36 मामलों में 1.95 लाख रुपए की वसूली की गई।

जिन उपभोक्ताओं को घोषित वजन से कम सामान की आपूर्ति की गई है या एमआरपी से अधिक कीमत वसूली गई है, वे राज्य सरकार की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-0222 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

वे शिकायत और मार्गदर्शन के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर भी संपर्क कर सकते हैं।