मुंबई। इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन को लेकर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस को बचाने के लिए किया जा रहा है। कायंदे ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुरुमू से मिलने की विपक्ष की योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास ठोस सबूत हैं तो उसे सुप्रीम कोर्ट में जाकर उन्हें पेश करना चाहिए।मनीषा कायंदे ने कहा कि कांग्रेस को अब कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं मिल रहा है और विपक्ष बार-बार खुद को सक्रिय दिखाने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष एक तरह से राजनीतिक कोमा में चला गया है और लगातार नए विवाद खड़े करके अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का प्रयास कर रहा है। ज्ञानेश कुमार वर्ष 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने, जबकि उनसे पहले भी चुनाव हुए हैं और बाद में भी चुनाव कराए गए हैं। कुछ चुनाव बैलेट पेपर से भी हुए, लेकिन वहां भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इसलिए वोट चोरी और ईवीएम से जुड़े विपक्ष के आरोप खारिज हो चुके हैं। विपक्ष बिना प्रमाण दिए बार-बार हंगामा खड़ा करता है और देश में अशांति का माहौल दिखाने के लिए कथित तौर पर फेक नैरेटिव फैलाता है।
शिवसेना नेता ने विपक्ष पर संविधान की किताब का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता संविधान की पुस्तक हाथ में लेकर बयान देते हैं, लेकिन उसे पढ़ने और समझने की कोशिश नहीं करते। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जाने और वहां से जुड़े विवादित बयानों का भी उल्लेख किया। कायंदे ने कहा कि केवल संविधान की किताब दिखाने से संवैधानिक व्यवस्था के प्रति सम्मान साबित नहीं होता।
आरएसएस पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर मनीषा कायंदे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राष्ट्रभक्ति, राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण से जुड़े संगठन आरएसएस के बारे में टिप्पणी करने से पहले उसके इतिहास और कार्यों को नहीं समझा है। उन्होंने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी सफेद टी-शर्ट के पीछे काला दिल छिपा है। कायंदे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस को गरीब जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 'गरीबी हटाओ' नारे का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस आज गरीबों के हित में काम नहीं कर रही है। दिल्ली में बार-बार होने वाले राजनीतिक आंदोलनों और दुकानों के बंद रहने से व्यापारी परेशान हैं। जनता ऐसे हालात को माफ नहीं करेगी।
कथित वोट चोरी के सबूत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपने के लिए इंडिया गठबंधन के नेताओं की प्रस्तावित मुलाकात पर भी कायंदे ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च नागरिक हैं और उनके पद की गरिमा और संवैधानिक अधिकारों को समझना जरूरी है। विपक्ष को यह जानना चाहिए कि राष्ट्रपति की भूमिका क्या है और उनके पास बार-बार जाने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के पास वोट चोरी के ठोस सबूत हैं तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए। वहां वकील के माध्यम से अपने आरोपों को प्रमाणित करना चाहिए और आवश्यक साक्ष्य पेश करने चाहिए। केवल वोट चोरी का आरोप दोहराने से कोई बात साबित नहीं होती।
मनीषा कायंदे ने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार ऐसे बयान देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह मंशा कभी पूरी नहीं होगी।
दिवाली के व्यस्त कारोबारी समय में रैली से संभावित नुकसान और चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) की कांग्रेस से कार्यक्रम टालने की अपील के संदर्भ में कायंदे ने दिल्ली के व्यापारियों की परेशानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लगातार आंदोलनों और दुकानों के बंद होने जैसी परिस्थितियों से कारोबार प्रभावित होता है। राजनीतिक दलों को जनता और व्यापारियों की परेशानियों का भी ध्यान रखना चाहिए।













