झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी से बेजुबान जीव के साथ हैवानियत और क्रूरता का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। जहां चार युवकों ने मिलकर एक चूहे को पहले पिंजरे में पकड़ा, फिर उसे रस्सी से बांधकर लोहे के गेट पर लटका दिया और पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। आरोपियों ने इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना का संज्ञान लेते हुए कोतवाली पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।


पिंजरे में पकड़कर गेट पर लटकाया, फिर पेट्रोल डालकर लगाई आग

यह पूरा मामला झांसी के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित ओरछा गेट के कसाई मंडी इलाके का है: 29 अक्टूबर की इस घटना में आरोपियों ने पहले पिंजरा लगाकर एक चूहे को पकड़ा। इसके बाद जीशान कुरैशी और उसके पिता शफीक कुरैशी ने चूहे को रस्सी से बांधकर डंडों से पीटा और लोहे के गेट पर उल्टा लटका दिया। इसके बाद जुनैद कुरैशी ने बोतल से चूहे पर पेट्रोल छिड़का और माचिस की तीली से आग लगा दी। इस दौरान चौथा आरोपी आशिफ कुरैशी मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था और चूहे को जलाने के लिए उकसा रहा था। आग लगते ही जलती हुई रस्सी टूट गई और चूहा जान बचाने के लिए इधर-उधर तड़पते हुए दौड़ा, लेकिन कुछ ही देर में जलने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।


वीडियो वायरल होने पर पुलिस का एक्शन, 3 गिरफ्तार

आरोपियों द्वारा खुद ही इस क्रूरता का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा: वीडियो का सत्यापन करने के बाद दरोगा रोहित कुमार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कोतवाल अंजन कुमार ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों—जुनैद कुरैशी, आशिफ कुरैशी और शफीक कुरैशी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। मामले का चौथा आरोपी (जीशान कुरैशी) फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।


गौ सेवा संस्थान और लोगों में भारी आक्रोश, कड़ी सजा की मांग

बेजुबान के साथ हुई इस हैवानियत का वीडियो सामने आने के बाद शहर के लोगों में काफी रोष देखने को मिल रहा है: श्री महाकाल गौ सेवा संस्थान के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। सामाजिक संगठनों का कहना है कि बेजुबान जीवों के प्रति इस प्रकार की विकृत मानसिकता और क्रूरता फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।