भोपाल। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) का प्रभाव अब मध्य प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है। इसके प्रभाव से महाकौशल और विंध्य अंचल समेत राज्य के कई हिस्सों में काले बादलों का डेरा जम गया है और अगले तीन से चार दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बने रहने का अनुमान है। दूसरी ओर, पश्चिमी मध्य प्रदेश के धार और झाबुआ जिलों में अचानक न्यूनतम तापमान गिरने से ठिठुरन व ठंडक बढ़ गई है।
6 जिलों में भारी बारिश, 26 जिलों में बूंदाबांदी का अनुमान
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार:
- भारी बारिश का अलर्ट (6 जिले): सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट।
- हल्की बारिश व बूंदाबांदी (26 जिले): भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी।
तापमान में गिरावट: धार और झाबुआ में बढ़ी ठंड
चक्रवात के असर के साथ ही कुछ जिलों के तापमान में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है:
धार: धार में न्यूनतम तापमान एक ही दिन में 4.2 डिग्री सेल्सियस घटकर 11.2 डिग्री पर पहुंच गया (जो मंगलवार को 15.4 डिग्री था)। दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
झाबुआ: झाबुआ में न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री से गिरकर 14.4 डिग्री सेल्सियस हो गया है, जिससे सुबह-सुबह ठंड का अहसास बढ़ गया है। हालांकि, दोपहर में तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच रहने से हल्की गर्मी महसूस हो रही है।
विंध्य व मैहर: सतना और मैहर सहित पूरे विंध्य अंचल में बादल छाए हुए हैं। मैहर में तेज हवाओं के साथ 5 से 7 मिनट तक बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे सब्जी मंडियों में व्यापारियों को तिरपाल ढककर अपना सामान बचाते देखा गया।
29 अक्टूबर करवा चौथ पर चांद का दीदार होगा मुश्किल
मौसम विभाग के अनुसार 29 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान का असर मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा: 29 अक्टूबर को 11 जिलों में अति भारी बारिश और 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी (Red/Orange Alert) जारी की गई है। बाकी 35 जिलों में भी बादल और बूंदाबांदी का दौर रहेगा। 29 अक्टूबर को ही करवा चौथ का व्रत है। पूरे प्रदेश में घने बादल, आंधी और बारिश का अनुमान होने के कारण सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ पर चांद का दीदार करना काफी मुश्किल हो सकता है। 30 और 31 अक्टूबर को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।
किसानों की चिंता बढ़ी: धान की फसल पर संकट, गेहूं की बुआई अटकी
मौसम के इस बदले मिजाज से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं:
धान की फसल को नुकसान: महाकौशल और जबलपुर संभाग के बालाघाट, छिंदवाड़ा आदि जिलों में खेतों में पककर खड़ी धान की फसल को बेमौसम बारिश से भारी नुकसान होने की आशंका है।
गेहूं की बुआई प्रभावित: रीवा संभाग समेत कई इलाकों में किसान रबी फसल (गेहूं) की बुआई की तैयारी में जुटे थे, लेकिन बारिश और खेतों में नमी बढ़ने से बुआई का काम टल सकता है।
अन्य फसलें: जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कटाई व भंडारण के अंतिम चरण में पहुंची सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर और तिल की फसलों पर भी इस आंधी-पानी का विपरीत असर पड़ने का खतरा मंडरा रहा है।













