गयाजी, 23 मई । केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार के सीसवर गांव के पास अपने कार्यक्रम के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सही नहीं हैं और इसकी जांच हो रही है।केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हमने देखा है कि समाज में कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। जहां तक इसकी वजह की बात है तो पुलिस इसकी जांच कर रही है और अपना काम कर रही है। इस बारे में हमें ज्यादा कुछ नहीं कहना है। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।"
बता दें कि बिहार के गया जिले में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के कार्यक्रम के दौरान पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। घटना शुक्रवार की शाम को खिजरसराय प्रखंड के सीसवर गांव स्थित संत थॉमस इंग्लिश स्कूल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। उस समय मंत्री मंच से लोगों को संबोधित करने के लिए खड़े हो गए। राहत की बात यह रही कि पत्थर सीधे मंत्री को नहीं लगा और वे बाल-बाल बच गए, हालांकि उनके पीछे तैनात एक अंगरक्षक को चोट आई है।
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। मंच पर पहुंचने के बाद उनका स्वागत और सम्मान किया गया। इसी दौरान अचानक सभा स्थल पर कंकड़ और पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाला और कार्यक्रम को नियंत्रित किया।
वहीं, बिहार की राजनीति में अपराध और जाति को लेकर चल रही बहस पर भी जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संभव है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और हर समाज में हर जाति के लोग अपराध कर सकते हैं।
मांझी ने कहा कि अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और अपराधियों को यह तो अपराध छोड़ना होगा या फिर बिहार छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसमें जाति का सवाल नहीं उठना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के आरोपों का भी जवाब दिया। मांझी ने कहा कि यह कहना गलत है कि सरकार किसी विशेष जाति को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, न कि किसी जाति विशेष के खिलाफ है।

