तिरुवनंतपुरम। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को दो डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य उनके पास प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना और राज्य में होने वाले प्रमुख अपराधों की रीयल टाइम जानकारी प्रदान करना है।

इस क्रम में यहां पुलिस मुख्यालय में दो प्लेटफॉर्म एचएम एक्ट्स और एचओएमईएस (गृह विभाग संचालन निगरानी और ई-सेवाएं) का शुभारंभ किया गया।

इनका उद्देश्य पुलिस की कार्यकुशलता में सुधार करना और शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करना है।

एचएम एक्ट्स को गृह मंत्री द्वारा सीधे प्राप्त शिकायतों और याचिकाओं पर नजर रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है कि वे कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों तक पहुंचें।

शिकायतें एक डिजिटल सिस्टम के माध्यम से दर्ज की जाएंगी।

उनकी प्रगति और की गई कार्रवाई की निगरानी की जा सकेगी, साथ ही शिकायतकर्ताओं को उठाए गए कदमों के बारे में भी सूचित किया जाएगा।

यह सिस्टम सिविल पुलिस अधिकारियों से लेकर राज्य पुलिस प्रमुख तक, पुलिस पदानुक्रम को कवर करेगा।

इससे समन्वय में सुधार और चौबीसों घंटे पुलिस सेवाएं सुनिश्चित होने की भी उम्मीद है।

दूसरा प्लेटफॉर्म, एचओएमईएस, गृह मंत्री और गृह विभाग को प्रमुख अपराधों पर रीयल टाइम डेटा और तत्काल ध्यान देने योग्य अपराधों पर अलर्ट प्रदान करेगा।

जानकारी प्रदर्शित करने के लिए एक समर्पित डैशबोर्ड विकसित किया गया है।

चेन्निथला ने कहा कि यह प्रणाली चल रही जांचों में हस्तक्षेप किए बिना अपराध संबंधी डेटा प्रदान करेगी।

गोपनीय और व्यक्तिगत जानकारी की भी सुरक्षा की जाएगी।

दोनों पहलों के लिए सॉफ्टवेयर केरल पुलिस के डिजिटल विंग, आईकोपीएस द्वारा विकसित किया गया था।

मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय व्यय के लागू किया गया है।

चेन्निथला ने कहा कि सरकार-पुलिस व्यवस्था को अधिक जनहितैषी बनाने और पुलिसकर्मियों के कार्यभार और तनाव को कम करने के तरीकों पर भी विचार कर रही है।

'मेरा पुलिस स्टेशन' पहल के तहत, सरकार ने लगभग 5,000 पुलिसकर्मियों से उनकी चिंताओं को समझने के लिए बातचीत की थी।

उन्होंने कहा कि सरकार की पुलिस नीति आम लोगों, गरीबों और अपराध पीड़ितों के साथ खड़े रहने की है।

मंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी को मौजूदा अनुपात 1:9 से सुधारकर 3:7 करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि यह 30 प्रतिशत तक पहुंच सके।

बच्चों से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

ऑपरेशन तूफान का दूसरा चरण स्थानीय निकायों के सहयोग से लागू किया जा रहा है, जबकि स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम भारतीय चिकित्सा संघ और मनोवैज्ञानिकों के सहयोग से आयोजित किए जा रहे हैं।

चेन्निथला ने कहा कि सरकार ने अतिरिक्त पुलिस पदों की मांग भी की है।