भोपाल। मध्य प्रदेश के श्रम विभाग अंतर्गत संचालित 'भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल' ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की सहूलियत और आवागमन को सुगम बनाने के लिए एक नई योजना शुरू की है। इसके तहत बढ़ई, वेल्डर, प्लम्बर, राजमिस्त्री सहित 49 प्रकार के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को इलेक्ट्रिक स्कूटी (E-Scooter) खरीदने पर ₹40,000 तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है।


योजना की प्रमुख विशेषताएं एवं नियम:

योजना का नाम: ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण ई-स्कूटर हेतु अनुदान योजना, 2024’


वित्तीय सहायता (अनुदान राशि)

पात्र श्रमिक को ई-स्कूटर की कुल कीमत का 50% या अधिकतम ₹40,000 (जो भी कम हो) की सब्सिडी/अनुदान राशि मिलेगी। यह अनुदान राशि सीधे लाभार्थी श्रमिक के बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।


सीमित कोटा (पहले आओ, पहले पाओ)

इस योजना के तहत प्रतिवर्ष 1,000 पंजीकृत श्रमिकों को ही लाभ दिया जाएगा। चयन का आधार 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come, First Served) रहेगा। 1,000 आवेदन स्वीकृत होते ही उस वर्ष का कोटा समाप्त मान लिया जाएगा। कुल 1,000 सीटों में से 60 सीटें दिव्यांग श्रमिकों के लिए आरक्षित की गई हैं।


ई-स्कूटर बिक्री पर प्रतिबंध

योजना के तहत खरीदी गई ई-स्कूटी को अगले 3 वर्षों तक किसी अन्य व्यक्ति को बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।


कौन हैं पात्र?

मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत निर्माण श्रमिक (राज्य में लगभग 17 लाख पंजीकृत श्रमिक हैं)। 49 चिन्हित श्रेणियों (जैसे- राजमिस्त्री, प्लम्बर, वेल्डर, बढ़ई, पेंटर आदि) के अंतर्गत आने वाले पंजीकृत मजदूर।