भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक कई वजहों से राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गई है। इस उच्चस्तरीय बैठक में एक बार फिर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुपस्थिति और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को आमंत्रित न किए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलों का बाजार गर्म है।


सिंधिया की गैरमौजूदगी और नरोत्तम मिश्रा का न बुलाया जाना बना चर्चा का विषय

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार दूसरी बार कोर ग्रुप की इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हो सके। हालांकि, पार्टी संगठन के सूत्रों का कहना है कि उनकी यह गैरमौजूदगी दिल्ली में व्यस्त व्यस्तताओं के चलते थी। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को इस बार बैठक का बुलावा ही नहीं भेजा गया। इससे पहले 1 अक्टूबर को हुई कोर ग्रुप की मीटिंग में भी नरोत्तम मिश्रा शामिल नहीं हुए थे, तब उन्होंने अनभिज्ञता जताई थी कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं दी गई थी। राजनीतिक गलियारों में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि नरोत्तम मिश्रा को बैठक में आमंत्रित करने को लेकर प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व से राय मांगी थी, लेकिन वहां से हरी झंडी न मिलने के कारण उन्हें नहीं बुलाया गया। हालांकि, इस संबंध में पार्टी संगठन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


बैठक में कौन-कौन दिग्गज नेता हुए शामिल?

इस कोर ग्रुप बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पार्टी प्रभारी बिप्लब कुमार देव, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, सह प्रभारी रेखा शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा व राजेंद्र शुक्ला, सांसद वीडी शर्मा, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, अरविंद भदौरिया, संपतिया उइके और सांसद लता वानखेड़े सहित प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।


बैठक में इन प्रमुख प्रस्तावों और मुद्दों पर हुआ मंथन

सार्वजनिक पोर्टल पर कामकाज: सरकार के तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियों के साथ-साथ मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के कार्यों को एक सार्वजनिक पोर्टल पर प्रदर्शित करने की योजना पर विचार किया गया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में भव्य स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। केंद्र सरकार की योजनाओं का मध्यप्रदेश को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई गई।


मुख्यमंत्री के निर्देशन में मंत्रियों के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित होगी, जो इन योजनाओं को जमीनी स्तर यानी ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाएगी। केंद्र सरकार के प्रत्येक मंत्रालय के साथ प्रदेश के एक-एक सांसद को जोड़ने के प्रस्ताव पर मुहर लगी, जिससे राज्य के मंत्री, सांसद और अधिकारी आपसी तालमेल से विकास कार्यों को गति दे सकें। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान के खिलाफ कोर कमेटी की ओर से एक कड़ा निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।