मुंबई। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार को सीने में संक्रमण और ब्रोंकाइटिस के दौरे के इलाज के बाद शनिवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है।शरद पवार का इलाज कर रहे डॉक्टर प्रतीत समदानी ने कहा कि पवार की सेहत में सुधार हो रहा है और अब वह मुंबई स्थित अपने सिल्वर ओक आवास पर रहकर दवा और आराम के जरिए स्वास्थ्य लाभ करेंगे।

डॉक्टरों ने उम्र को देखते हुए उन्हें जरूरी सावधानियां बरतने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी है।

डॉ. सामदानी ने कहा, "शरद पवार को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अब उनका इलाज घर पर जारी रहेगा। उन्हें ब्रोंकाइटिस से पीड़ित थे और सीने में संक्रमण था, जिसमें अब सुधार हो रहा है। उन्हें घर पर इलाज जारी रखने और सामान्य सावधानियां बरतने को कहा गया है। उनकी उम्र को देखते हुए कुछ अतिरिक्त निर्देश भी दिए गए हैं। वह निर्देशों का पालन करने वाले व्यक्ति हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वह अपना ध्यान रखेंगे।"

इससे पहले शरद पवार को बुधवार को इलाज के बाद पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक से भी छुट्टी दी गई थी। उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बताई गई है और उसमें सुधार देखा गया है।

रूबी हॉल क्लिनिक के मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ और अध्यक्ष परवेज के. ग्रांट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पवार अस्पताल से सीधे अपने मुंबई स्थित आवास जाएंगे।

शरद पवार को सोमवार को खांसी और सीने में तकलीफ की शिकायत के बाद रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। वह महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर थे।

इस दौरान वह सूखा प्रभावित इलाकों में किसानों से मिलकर पानी की कमी, फसलों की स्थिति और कृषि संबंधी चुनौतियों की जानकारी ले रहे थे।

हालांकि, दौरे के दौरान अस्वस्थ महसूस करने पर उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में ही रोक दिया और बाद में जांच के लिए अस्पताल में भर्ती हो गए।

खांसी और सांस लेते समय सीने में दर्द की शिकायत पर डॉक्टरों ने उनकी जांच की। परवेज ग्रांट की निगरानी में उनका इलाज किया गया और एहतियातन उन्हें निगरानी में रखा गया। दो दिन के इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।

परवेज ग्रांट ने बयान में स्पष्ट किया कि बुधवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी और उनकी सेहत स्थिर है।

बुधवार को ही एनसीपी (एसपी) प्रमुख को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। इस वर्ष यह तीसरी बार था जब शरद पवार को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

इससे पहले 9 फरवरी को उन्हें छाती में संक्रमण और खांसी की शिकायत के कारण रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। बाद में 14 फरवरी को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।

इसके बाद 22 फरवरी को हल्के डिहाइड्रेशन के कारण उन्हें फिर अस्पताल में भर्ती किया गया और 25 फरवरी को छुट्टी दे दी गई थी। नवंबर में खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें एक बार फिर अस्पताल जाना पड़ा।

शरद पवार के अस्पताल से वापस लौटने पर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा, "शरद पवार महाराष्ट्र और देश के वरिष्ठ नेता हैं। राजनीतिक दल अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन पवार साहब दो-तीन दिन पहले ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हुए थे। मैं दिल्ली में था और आज उनसे मिलने का कार्यक्रम था, लेकिन उनके अस्पताल से छुट्टी मिलने और स्वास्थ्य ठीक होने की खबर अच्छी है।"

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी और उन्हें स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा आराम करने की सलाह दी थी।

प्रधानमंत्री ने शरद पवार से कहा था, "सुप्रिया सुले और हम देश संभाल लेंगे, आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिए और आराम कीजिए। आपका आशीर्वाद हम पर बना रहे।"

शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी के फोन के बाद शरद पवार के अस्पताल में भर्ती होने का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया था।

शरद पवार ने प्रधानमंत्री को फोन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा था कि वह आराम कर रहे हैं और आप सभी के रहते मुझे देश को लेकर कोई चिंता नहीं है।

इसके बाद गुरुवार रात एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार से मुलाकात की, जिसके बाद एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।

वरिष्ठ एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल तथा पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विश्वजीत कदम ने भी शरद पवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर, पूर्व मंत्री बालासाहेब थोराट और शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी अस्पताल पहुंचकर शरद पवार से मुलाकात की।