इंदौर। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा के बहुप्रतीक्षित परिणाम जारी कर दिए हैं। इस साल देश भर से करीब 20 लाख विद्यार्थी इस प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 11.21 लाख छात्रों ने देश के विभिन्न मेडिकल, डेंटल, आयुष (AYUSH) और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई किया है। मध्य प्रदेश की बात करें तो इस बार राज्य से करीब 1.18 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाई थी, जिसके लिए प्रशासन द्वारा प्रदेश के 30 प्रमुख जिलों में कुल 283 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। देशभर के नतीजों में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 720 में से 715 अंक हासिल किए और संयुक्त रूप से पूरे देश में टॉप किया है। परीक्षा के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक और 138 छात्रों ने 690 या उससे ज्यादा अंक अर्जित किए हैं। एनटीए द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष टॉप स्कोरर्स की सूची में 93 प्रतिशत से अधिक ऐसे अभ्यर्थी शामिल हैं जिन्होंने पहली बार में ही यह परीक्षा पास की है, जबकि 99 प्रतिशत टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच दर्ज की गई है। सभी परीक्षार्थी अपना व्यक्तिगत स्कोरकार्ड विभाग की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर ऑनलाइन देख सकते हैं।
इंदौर के आराध्य गर्ग ने लहराया परचम, पिता के मार्गदर्शन और मेडिटेशन से मिली सफलता
इस परीक्षा परिणाम में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के छात्र आराध्य गर्ग ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 110वीं रैंक हासिल की है, जबकि सामान्य (जनरल) कैटेगरी में उन्हें पूरे देश में 85वीं रैंक मिली है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही आराध्य इंदौर शहर के टॉपर भी बन गए हैं। आराध्य के पिता योगी गर्ग ने बेटे की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि वह शुरू से ही बेहद मेहनती और अनुशासित रहा है। पिछले वर्ष पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने और लंबे समय तक बनी मानसिक अनिश्चितता के बावजूद उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी और लगातार पढ़ाई जारी रखी। पिछले प्रयास में आराध्य ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर काफी कठिन होने के बावजूद उसने 690 अंक हासिल कर अपनी योग्यता साबित की है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, आराध्य का दैनिक शेड्यूल बेहद कड़ा था और वह सुबह 7:30 बजे से लेकर रात 10 बजे तक कोचिंग और सेल्फ स्टडी में पूरी तरह व्यस्त रहता था। घर लौटने के बाद भी वह अगले दिन की पढ़ाई की रणनीति और छूटे हुए विषयों पर विस्तार से चर्चा करता था। आराध्य के पिता, जो स्वयं एक योगा एक्सपर्ट हैं, ने बताया कि वे अपने बेटे की एकाग्रता बनाए रखने के लिए उसे नियमित रूप से मेडिटेशन (ध्यान) कराते थे, जिसने पढ़ाई के तनाव को दूर करने और फोकस बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। आराध्य अपनी कोचिंग के विशेष टॉप मेरिट बैच का भी हिस्सा थे, जहां मेधावी छात्रों को विशेष मार्गदर्शन दिया जाता था।
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा, काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
विदित हो कि इस वर्ष 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद के कारण विवादों में घिर गई थी, जिसके बाद सरकार ने त्वरित कड़ा फैसला लेते हुए उसे पूरी तरह रद्द कर दिया था। इसके बाद एनटीए ने बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच 21 जून को भारत और विदेशों के 551 शहरों में बनाए गए 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 13 अलग-अलग भाषाओं में दोबारा परीक्षा का सफल आयोजन किया था। अब परिणाम घोषित होने के बाद देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) और आयुष पाठ्यक्रमों की खाली सीटों को भरने के लिए केंद्रीकृत काउंसिलिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
परीक्षा प्रणाली में बड़ा सुधार: 2027 से पूरी तरह ऑनलाइन मोड में होगी नीट परीक्षा
हाल ही में हुए पेपर लीक के बड़े विवाद से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को अचूक बनाने के लिए एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव करने का निर्णय लिया है। सरकार के नए फैसले के अनुसार, वर्ष 2027 से नीट-यूजी परीक्षा पारंपरिक ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड के बजाय पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। इस क्रांतिकारी कदम के बाद अब भविष्य में छात्रों को ओएमआर (OMR) शीट भरने के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर ही अपने सवालों के जवाब दर्ज करने होंगे। राहत की बात यह है कि परीक्षा के इस डिजिटल स्वरूप में बदलाव के बावजूद छात्रों के मुख्य पाठ्यक्रम (सिलेबस), प्रश्नों की कुल संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में किसी भी प्रकार का कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इस नए डिजिटल सिस्टम से अभ्यस्त कराने के लिए राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी परीक्षा से काफी समय पहले ही बड़े पैमाने पर मॉक टेस्ट और विशेष डेमो की मुफ्त सुविधा भी उपलब्ध कराएगी, ताकि छात्र समय रहते नए ऑनलाइन सिस्टम के अनुरूप अपनी अंतिम रणनीतियां तैयार कर सकें।




