इंदौर। पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में 'नो कार डे' (No Car Day) का आयोजन किया गया। आम जनता को चार पहिया वाहनों का उपयोग सीमित करने का संदेश देने के लिए इंदौर के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने स्वयं इसका अनुपालन कर मिसाल पेश की।
कलेक्टर ई-स्कूटर से तो पुलिस कमिश्नर साइकिल से पहुंचे कार्यालय
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज अपने शासकीय आवास से कलेक्ट्रेट जाने के लिए कार का उपयोग नहीं किया और खुद इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (ई-स्कूटर) चलाकर दफ्तर पहुंचे। वहीं, इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह भी 'नो कार डे' का समर्थन करते हुए कार छोड़कर साइकिल से पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों के इस रूप को देखकर शहरवासियों ने भी इस मुहिम की सराहना की।
नो कार डे का तीसरा संस्करण: स्वास्थ्य, पर्यावरण और ट्रैफिक में सुधार का लक्ष्य
इंदौर में 'नो कार डे' अभियान का यह तीसरा संस्करण था। इस पहल के जरिए शहरवासियों से अपील की जा रही है कि वे कम से कम सप्ताह में एक दिन कार का इस्तेमाल न करें और छोटी दूरियों के लिए पैदल चलने, साइकिल चलाने, ई-वाहन या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की आदत डालें। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना और व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक कंजेशन को घटाना है।
उन्होंने बताया कि इंदौर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे यातायात जागरूकता अभियानों के अब सकारात्मक और सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। ई-स्कूटर से कलेक्ट्रेट पहुंचे कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि इंदौर को स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाए रखने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि लोग छोटी दूरी के लिए कारों का इस्तेमाल कम करेंगे, तो इससे वायु प्रदूषण में सीधी कमी आएगी और साइकिल व पैदल चलने से व्यक्तिगत स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर के नागरिकों और व्यावसायिक संस्थानों से भी अपील की है कि वे यातायात नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करें और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी इस जन-मुहिम में अपना योगदान दें।




