भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के आवासीय इलाकों में अवैध रूप से संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में आज (मंगलवार) सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। अदालत के रुख पर शहर के लगभग 62 हजार 500 छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का भविष्य टिका हुआ है। इससे पूर्व गत 15 सितंबर को नियत सुनवाई स्थगित हो गई थी। दोपहर में होने वाली इस सुनवाई में याचिकाकर्ता रहवासी संघ और भोपाल नगर निगम प्रशासन दोनों ही अपना-अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे।


5 अगस्त के आदेश के बाद निगम की कार्रवाई और व्यापारियों का विरोध

उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम भोपाल ने आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर बड़े पैमाने पर नोटिस जारी करने का अभियान शुरू किया था। लगभग 15 दिनों तक चले इस अभियान के दौरान चिह्नित 62,500 प्रतिष्ठानों में से 8,084 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम ने 190 दुकानों व व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया था। नगर निगम की इस कठोर सीलिंग कार्रवाई के विरोध में जब शहरभर के व्यापारी सड़कों पर उतर आए और व्यापारिक संगठनों ने मोर्चा खोला, तो प्रशासन को अपनी कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। बीते 22 दिनों से नगर निगम का यह सीलिंग अभियान पूरी तरह थमा हुआ है।


रहवासियों का आरोप: कागजों पर हुई सीलिंग, ज्यादातर दुकानें दोबारा खुलीं

दूसरी ओर, याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी और रहवासी संगठनों ने नगर निगम प्रशासन पर घोर पक्षपात और अदालती आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया है। रहवासियों का कहना है कि नगर निगम द्वारा प्रस्तुत 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (Action Taken Report) भ्रामक है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में नए दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स दाखिल किए हैं। रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम ने जिन 190 प्रतिष्ठानों को कागजों में सील दिखाया था, उनमें से अधिकांश सील टूटने के बाद या पिछले दरवाजे से पुनः संचालित हो रहे हैं।


सुनवाई से ठीक पहले रिपोर्ट और साक्ष्य जुटाने में जुटे रहे अफसर व रहवासी

मंगलवार को होने वाली इस निर्णयकारी सुनवाई से ठीक एक दिन पहले सोमवार को नगर निगम के आला अधिकारी अपनी अद्यतन रिपोर्ट और जवाब तैयार करने में दिनभर हलकान रहे। वहीं, रहवासी संघों के प्रतिनिधियों ने भी सील बंद दुकानों के दोबारा खुलने और आवासीय क्षेत्रों में बढ़ रहे ट्रैफिक व व्यावसायिक अतिक्रमण के ताज़ा साक्ष्य जुटाकर शीर्ष अदालत के समक्ष मजबूती से पक्ष रखने की पूरी तैयारी की है। आज दोपहर होने वाली इस सुनवाई पर पूरे भोपाल के व्यापारी और रहवासी टकटकी लगाए बैठे हैं।