नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उसने 20 से 26 अक्टूबर के बीच 15 अभियानों में पाकिस्तानी सेना के 27 से अधिक कर्मियों को मार गिराया और कई अन्य को घायल कर दिया। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, बीएलए के प्रवक्ता जियंद बलूच ने कहा कि संगठन की खुफिया शाखा जिराब पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के लेफ्टिनेंट कर्नल बिलाल जलीब की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को लड़ाकों ने रिमोट से संचालित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से उनके वाहन को निशाना बनाया। इस हमले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि सैन्य वाहन को भी भारी नुकसान पहुंचा।
प्रवक्ता के अनुसार, 24 अक्टूबर को पाकिस्तानी बलों के गिदार इलाके में आगे बढ़ने के दौरान बीएलए के लड़ाकों ने कई स्थानों पर जवाबी हमले किए। उन्होंने दावा किया कि कब्जे वाली सेना और सरमाचार लड़ाकों के बीच चार घंटे से अधिक समय तक चली झड़पों में पाकिस्तानी बलों के पांच जवान मारे गए और 11 से अधिक घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि केच जिले के चेर कुंचेती इलाके में पहले आईईडी से एक सैन्य काफिले को निशाना बनाया गया और फिर सशस्त्र हमला किया गया। इस हमले में चार सैन्यकर्मियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
बयान के अनुसार, 26 अक्टूबर को मस्तुंग जिले के गुरगीना इलाके में ग्रिड स्टेशन के पास घात लगाकर किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के चार जवान मारे गए और कम से कम छह अन्य घायल हो गए।
जियंद बलूच ने दावा किया कि 25 अक्टूबर को दश्त बाबा इलाके में आगे बढ़ रहे सैनिकों को निशाना बनाया गया, जिसमें दो जवान मारे गए। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सैनिक पीछे हट गए और मृतकों के शव वहीं छोड़ गए।
बीएलए के बयान में कहा गया कि 20 अक्टूबर को मस्तुंग के सरगोज इलाके में सैन्य शिविर के लिए रसद लेकर जा रहे काफिले को निशाना बनाया गया। इस दौरान एक बख्तरबंद वाहन और एक अन्य वाहन पर भी हमला किया गया, जिससे जानमाल का नुकसान हुआ।
प्रवक्ता ने बताया कि 22 अक्टूबर को कलात जिले के चोटंक इलाके में सैन्य और वाणिज्यिक वाहनों के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में दो जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। संगठन ने इसी इलाके में 24 अक्टूबर को आगे बढ़ रहे सैनिकों पर हमले और 26 अक्टूबर को एक काफिले को निशाना बनाने की जिम्मेदारी भी ली। उसने दावा किया कि 26 अक्टूबर के हमले में एक सैनिक की मौत हुई।
बयान के अनुसार, 24 अक्टूबर को कलात में पैदल जा रहे दो सैन्यकर्मी आईईडी विस्फोट में मारे गए। वहीं, द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अक्टूबर को खुजदार में हुए हमले में तीन जवान मारे गए और चार अन्य घायल हो गए।
जियंद बलूच ने दावा किया कि 24 अक्टूबर को बीएलए लड़ाकों ने नुश्की स्थित हजदह खोल सैन्य शिविर को निशाना बनाया, जिसमें तीन जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि रेको के रास्ते आगे बढ़ रहे सुरक्षा बलों के अतिरिक्त दस्ते पर घात लगाकर हमला किया गया, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। प्रवक्ता के मुताबिक, नुश्की में एक सैन्य चौकी पर तैनात जवान को बीएलए के एक स्नाइपर ने मार गिराया।
संगठन ने कहा कि उसके लड़ाकों ने खुजदार के करख इलाके में लेवीज और आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) के संयुक्त थाने के मुख्य द्वार को विस्फोट से उड़ा दिया। इसके बाद पाकिस्तानी कर्मियों और लड़ाकों के बीच झड़पें हुईं। बीएलए ने यह भी दावा किया कि क्वेटा-कराची व्यापार मार्ग पर स्थित एक पुल को भारी मशीनरी से निशाना बनाया गया और उसमें आग लगा दी गई, जिससे पुल को गंभीर नुकसान पहुंचा। हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

















