भोपाल। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, वित्तीय और जनहितकारी निर्णयों पर मुहर लगी। कैबिनेट में नगरीय निकायों में खरीदी के दौरान हुए भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट में लिए गए प्रमुख फैसलों की जानकारी मीडिया के साथ साझा की।
AI से पकड़ी गई धांधली: 201 प्रकरणों में 392 अधिकारियों-कर्मचारियों पर गिरी गाज
नगरीय विकास विभाग में खरीदी से संबंधित अनियमितताओं का मामला बैठक में प्रमुखता से उठा: मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि विभाग में खरीदी संबंधी गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद ली गई। एआई द्वारा चिन्हित किए गए 201 प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करते हुए छह महीने के भीतर 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच व दंडात्मक कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशासनिक पारदर्शिता से कोई समझौता न हो और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
3,378 करोड़ की सिंचाई योजनाएं, कैंपा फंड और EOW को करोड़ों की वित्तीय मंजूरी
कैबिनेट ने विभिन्न विकास और प्रशासनिक विभागों के लिए बड़ा बजट स्वीकृत किया है: कैंपा फंड के तहत 2,050 करोड़ रुपये के व्यापक प्लान को स्वीकृति दी गई। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के सुचारू संचालन और जांच कार्यों के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। वर्ष 2019-20 से संचालित 4 प्रमुख सिंचाई/विकास योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी मिली, जिसके तहत छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों में 3,378 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित होंगी। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की 7 प्रमुख योजनाओं के लिए 351 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
4 नए जिलों में खुलेंगे DEO कार्यालय, सेवा संकल्प अभियान का ब्योरा
नवगठित जिलों—निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन दफ्तरों के संचालन के लिए आवश्यक नए पदों के सृजन को भी हरी झंडी मिली। बैठक में बताया गया कि अब तक आयोजित 1,345 शिविरों में 17 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। साथ ही 1,600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राएं निकाली जा चुकी हैं, जिनके माध्यम से 11 प्रकार की नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कम बारिश वाले 12 जिलों की स्थिति पर चर्चा, किसानों को मदद का आश्वासन
'किसान कल्याण वर्ष' के तहत प्रदेश की कृषि स्थिति की समीक्षा की गई: प्रदेश के 12 जिलों (आलीराजपुर, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्णा) में कम बारिश की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। आंकड़ों के अनुसार, आलीराजपुर जिले में सामान्य से करीब 52% कम वर्षा दर्ज की गई है, जो सर्वाधिक है। सरकार ने आश्वस्त किया कि जिलेवार आकलन कर प्रभावित किसानों को पूरी मदद दी जाएगी। 'धन-धान्य कृषि योजना' में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्य प्रदेश के 5 जिलों को केंद्र सरकार द्वारा पुरस्कृत किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।
21-22 दिसंबर को मंत्रियों का 'चिंतन शिविर' और स्थानीय दीयों का प्रोत्साहन
आगामी 21 और 22 दिसंबर को मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें सरकार के तीन साल के कार्यकाल के रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा होगी और अगले साल के लक्ष्यों का रोडमैप तैयार किया जाएगा। दीपावली पर्व के अवसर पर सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए मिट्टी के दीयों और पारंपरिक 'माटी कला' के उत्पादों को बढ़ावा देने व प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
आगामी राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा
बैठक के अंत में आगामी प्रमुख राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा की गई:
- 31 अक्टूबर: सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस)।
- 1 नवंबर: मध्य प्रदेश स्थापना दिवस।
- 15 नवंबर: भगवान बिरसा मुंडा जयंती (जनजातीय गौरव दिवस)।
इसके अलावा हाल ही में भोपाल में आयोजित 'राष्ट्रीय फिशरीज नीति कार्यक्रम' और इंदौर में हुए 'सेमीकंडक्टर समिट' की सफलता तथा मध्य प्रदेश को मिले विभिन्न राष्ट्रीय पुरस्कारों पर भी खुशी जाहिर की गई।















