वॉशिंगटन। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने पाकिस्तान सरकार से अफगान मेडिकल और डेंटल छात्रों को निष्कासित करने का फैसला वापस लेने और उनका दाखिला बहाल करने की मांग की है।

एचआरडब्ल्यू ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान ने देश के सभी मेडिकल और डेंटल संस्थानों को अफगान छात्रों को निष्कासित कर उन्हें अफगानिस्तान लौटाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। संगठन ने इसे पाकिस्तान द्वारा अफगान नागरिकों को देश से बाहर भेजने की नई कार्रवाई बताया।

एचआरडब्ल्यू के अनुसार, अफगान महिला छात्रों के लिए यह फैसला बेहद गंभीर है, क्योंकि तालिबान ने अफगानिस्तान में महिलाओं के विश्वविद्यालयों और मेडिकल शिक्षा पर प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में उन्हें वापस भेजे जाने का मतलब उनके डॉक्टर या डेंटिस्ट बनने की संभावना का खत्म हो जाना है।

संगठन ने बताया कि पाकिस्तान के मेडिकल संस्थानों ने अफगान नागरिकों के नए दाखिले भी रोक दिए हैं। लाहौर के किंग एडवर्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी ने 20 अफगान मेडिकल छात्रों, जिनमें चार महिलाएं और अंतिम वर्ष के सात छात्र शामिल हैं, को 24 घंटे के भीतर प्रस्थान संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया है।

एचआरडब्ल्यू ने पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) का हवाला देते हुए कहा कि केवल लाहौर में करीब 100 अफगान मेडिकल और डेंटल छात्र इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें 20 से 40 महिला छात्राएं शामिल हैं। कई छात्रों ने संभावित निर्वासन के डर से सुरक्षित आश्रय और कानूनी सहायता की मांग की है।

संगठन ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों संबंधी संधि का पक्षकार है और उसे बिना किसी भेदभाव के योग्यता के आधार पर उच्च शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। केवल अफगान नागरिक होने के आधार पर दाखिला समाप्त करना इस संधि के प्रावधानों के विपरीत है।

एचआरडब्ल्यू ने यह भी कहा कि उसने पहले भी पाकिस्तान में अफगान नागरिकों की मनमानी गिरफ्तारी और जबरन वापसी के मामलों का दस्तावेजीकरण किया है। संगठन के अनुसार, पाकिस्तान पर नॉन-रिफाउलमेंट के सार्वभौमिक सिद्धांत का पालन करने की जिम्मेदारी है, जिसके तहत किसी व्यक्ति को ऐसे स्थान पर जबरन नहीं भेजा जा सकता जहां उसे उत्पीड़न, यातना या गंभीर खतरे का सामना करना पड़े।

संगठन ने पाकिस्तान सरकार से निष्कासन आदेश वापस लेने, छात्रों का दाखिला बहाल करने, अफगान छात्रों पर नए दाखिले की रोक हटाने और उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करने तक कानूनी रूप से पाकिस्तान में रहने की अनुमति देने की अपील की है।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तान मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल (पीएमडीसी) ने अफगान छात्रों की मेडिकल और डेंटल शिक्षा निलंबित करने का आदेश जारी किया था। यह आदेश नए दाखिलों के साथ-साथ पहले से पढ़ रहे अफगान छात्रों पर भी लागू किया गया है। पीएमडीसी ने पाकिस्तान के मेडिकल और डेंटल संस्थानों के बीच अफगान छात्रों के स्थानांतरण या माइग्रेशन पर भी रोक लगा दी है।