उमरिया, तपस गुप्ता। जिले के बिरसिंहपुर पाली में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नए बस स्टैंड की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। साईं मंदिर के समीप बने इस बस स्टैंड की दुकानों का उद्घाटन भी नहीं हुआ है, लेकिन उनकी दीवारों में दरारें आने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ समय बाद ही सामने आई खामियां गुणवत्ता में गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करती हैं।


नगरवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान भी सामग्री और गुणवत्ता को लेकर कई बार आपत्तियां उठाई गई थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों ने शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। अब दीवारों में दरारें आने और उन्हें दोबारा तोड़कर सुधारने की नौबत ने लोगों की आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है।


मामले को लेकर नगर पालिका बिरसिंहपुर पाली के नेता प्रतिपक्ष संजीव खंडेलवाल ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया होता तो उद्घाटन से पहले ही भवन की दीवारें नहीं दरकतीं। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


वहीं उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पाली में एक उत्कृष्ट बस स्टैंड का निर्माण कराया गया है। यदि उद्घाटन से पहले ही उसमें जर्जरता जैसी स्थिति सामने आ रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी और कारणों का पता लगाया जाएगा।


स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच, उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा कराने की मांग की है। फिलहाल नया बस स्टैंड अपनी सुविधाओं से अधिक निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।