छतरपुर। भ्रष्टाचार के मामले में दोषसिद्ध निलंबित पटवारी रामप्रसाद पटेल पिता सुन्दरलाल पटेल को शासकीय सेवा से पदच्युत (डिसमिस) कर दिया गया है। एसडीएम लवकुशनगर द्वारा न्यायालय के निर्णय एवं संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए पदच्युति का आदेश जारी किया गया है। श्री पटेल वर्तमान में तहसील चंदला में पटवारी के पद पर पदस्थ थे और निलंबित चल रहे थे।


विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, जिला छतरपुर आशीष श्रीवास्तव द्वारा प्रकरण में 17 जुलाई 2026 को पारित निर्णय में अपराध क्रमांक 159/2018 के आरोपी तत्कालीन पटवारी तहसील बिजावर रामप्रसाद पटेल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत दोषसिद्ध पाते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 13(1)(डी) सहपठित धारा 13(2) के तहत 4 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया था। न्यायालय के निर्णय की प्रति कलेक्टर, भू-संसाधन प्रबंधन, छतरपुर के 3 सितंबर 2026 के पत्र के माध्यम से प्राप्त होने के बाद प्रकरण में कार्रवाई की गई।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि न्यायालय द्वारा रिश्वत लेने के मामले में दोषसिद्ध किए जाने के कारण श्री पटेल का कृत्य गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया। न्यायालय से दोषसिद्धि के प्रकाश में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(अ) के तहत विस्तृत विभागीय जांच आवश्यक नहीं होने के कारण सीधे दीर्घशास्ति की कार्रवाई की गई।


प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं न्यायालय के निर्णय के आधार पर एसडीएम लवकुशनगर द्वारा निलंबित पटवारी रामप्रसाद पटेल को शासकीय सेवा से पदच्युत करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश की तामीली संबंधित कर्मचारी पर कराने के निर्देश दिए गए हैं।