वाराणसी। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुंबई जाने वाली इंडिगो की उड़ान (6E-6544) उस वक्त विवादों में घिर गई, जब फ्लाइट के पायलट ने अचानक विमान उड़ाने से इनकार कर दिया। पायलट ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, जिसके बाद बोर्डिंग से ठीक पहले यात्रियों को इसकी सूचना दी गई। इस घटनाक्रम से एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई और नाराज यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
सुबह 10:45 बजे भरी जानी थी उड़ान, ड्यूटी टाइम खत्म होने का दावा
विमान को सुबह 10:45 बजे वाराणसी से मुंबई के लिए रवाना होना था। जहां एक ओर एयरलाइन ने क्रू की तबीयत खराब होने की बात कही, वहीं सूत्रों का दावा है कि पायलट की ड्यूटी के घंटे (FDTL) पूरे हो चुके थे, जिसके चलते उसने विमान उड़ाने से मना किया। सुबह 8 बजे से एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों ने एयरलाइन पर सही जानकारी न देने और रिफ्रेशमेंट तक उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कारणों से क्रू उड़ान भरने की स्थिति में नहीं था और वैकल्पिक क्रू की व्यवस्था की जा रही है।
पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े प्रमुख DGCA नियम
विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) के 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस' (FDTL) नियमों के तहत सुरक्षा कारणों से पायलटों के काम के घंटे तय हैं: दिन में अधिकतम 10 घंटे (दो पायलट क्रू होने पर 13 घंटे) और रात में अधिकतम 8 घंटे ही पायलट उड़ान भर सकते हैं। विशेष परिस्थिति में ड्यूटी 1.5 से 2 घंटे बढ़ाई जा सकती है, लेकिन इसके बदले दोगुना या चार गुना अतिरिक्त आराम देना अनिवार्य है। हफ्ते में अधिकतम 35 घंटे और साल में 1,000 घंटे की ही उड़ान की अनुमति है। इसके अलावा एक हफ्ते में लगातार 48 घंटे का साप्ताहिक विश्राम देना जरूरी है। पायलट लगातार केवल 2 दिन नाइट ड्यूटी कर सकते हैं और एक हफ्ते में 2 से अधिक नाइट लैंडिंग नहीं करा सकते।
एयरलाइंस के लिए इन नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है और हर महीने थकान-जोखिम (Fatigue Risk) रिपोर्ट जमा न करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।




